शव को पीएम के लिए भेजतीं सेवरही पुलिस व मौके पर जुटी लोगों की भीड़।संवाद
मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के खिरकिया बाजार में संचालित एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार देर रात प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि स्थिति बिगड़ते ही अस्पताल संचालक स्टाफ के साथ भाग गया। कुछ देर बाद मामला शांत हुआ और परिजन शव लेकर चले गए। शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इधर, सुबह से ही अस्पताल पर ताला लटका रहा।
बिहार के बगहा जिले के बरवल के पंकज की पत्नी 32 वर्षीय काजल अपने मायके पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी में हैं। प्रसव पीड़ा होने पर महिला को छह दिन पहले खिरकिया बाजार स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पंकज के अनुसार, ऑपरेशन व अन्य खर्च के नाम पर करीब 20 हजार रुपये लिए गए। ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद महिला को पांच दिन अस्पताल में रखा गया। बृहस्पतिवार को घर भेज दिया गया। देर रात अचानक प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की ओर से दिया गया इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत गंभीर हो गई। घबराए परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन कुछ ही देर में अस्पताल संचालक व स्टाफ भाग निकला। इलाज के अभाव में महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। हालांकि, शुक्रवार तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई और अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच के लिए टीम गठित की गई है।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना के वीडियो बृहस्पतिवार रात से सोशल साइट्स पर वायरल हो रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूलबदन कुशवाहा ने सीएमओ को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की डिग्री व उपस्थिति समेत अन्य बिंदुओं की जांच के लिए कहा है।