सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। दिन में बार-बार कटौती से जहां घरों और दुकानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, रात में होने वाली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है। शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ता बिजली व्यवस्था को लेकर नाराज हैं और निर्बाध आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।
पिछले एक माह से जिले में गर्मी अपने चरम पर है। कई दिनों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे में लोगों का सहारा एसी, कूलर और पंखे हैं लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन में कई बार बिजली कट रही है जबकि रात में बार-बार ट्रिपिंग और कटौती से चैन की नींद भी नसीब नहीं हो रही।
नगर के अशोक कुमार, इब्राहिम और आशुतोष कुमार ने बताया कि मार्च तक बिजली व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर थी लेकिन अप्रैल से कटौती बढ़नी शुरू हुई और मई के बाद स्थिति और खराब हो गई। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
शहर से सटे नगरा फीडर से करीब 100 से अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। यहां भी दिन और रात दोनों समय कई बार बिजली कट रही है। सिसवा बुजुर्ग निवासी मनोज कुमार तिवारी और लक्ष्मीकांत ने बताया कि पिछले एक माह से रात में अधिक कटौती हो रही है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बिजली कटौती की समस्या केवल सदर क्षेत्र तक सीमित नहीं है। शोहरतगढ़, इटवा, डुमरियागंज और बांसी तहसील क्षेत्रों में भी उपभोक्ता इसी समस्या से जूझ रहे हैं। कहीं कम तो कहीं अधिक कटौती हो रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली विभाग का कहना है कि उपलब्धता के अनुसार रोस्टर के तहत आपूर्ति की जा रही है।
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि जितनी बिजली प्राप्त हो रही है, उसमें बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो। हालांकि भीषण गर्मी के बीच लोग निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।