शहर की मुख्य सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
हायडिल तिराहे से पेट्रोल तिराहे तक सड़क है बदहाल
बारिश में सड़क के गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर की मुख्य सड़क में बने गड्ढों से भाजपा, जिला प्रशासन और नगर पालिका की खूब किरकिरी हो रही है। हायडिल तिराहे से पेट्रोल तिराहे तक की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। बारिश में इन गड्ढों में जलभराव के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नगरपालिका अधिकारी का कहना है कि बारिश के बाद ही सड़क बनाई जा सकेगी, जबकि परेशानी झेल रहे लोगों में गहरी नाराजगी है।
शहर की मुख्य सड़क पहले लोकनिर्माण विभाग के अंतर्गत थी, जो अब नगरपालिका में है। करीब दो किमी सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढे में सड़क नजर आ रही है। पानी से भरे गड्ढे में गिरने वाले लोग नगरपालिका के साथ ही सांसद, विधायक और जिला प्रशासन को खूब कोस रहे हैं। इन गड्ढों में कभी तीन पहिया वाहन पलट रहे हैं तो कभी बाइक अनियंत्रित होने से कपड़े और जूते गंदे हो जा रहे हैं। इस संबंध में नगरपालिका अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
सड़क के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। इसकी तकनीकी स्वीकृति अभी नहीं मिली है। कुछ सभासदों ने शिकायत कर दी थी, इसकी जांच हुई और शिकायत निराधार पाई गई, इस कारण सड़क निर्माण में देर हुई। उसके बाद फिर से प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है तो सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बारिश बंद होने के बाद ही सड़क बनाई जा सकेगी।
- शैलेंद्र गुप्ता, ईओ नगर पालिका
सपाइयों ने सड़क पर रोपा था धान
सपा कार्यकर्ताओं ने 15 दिन पहले शहर के मुख्य मार्ग में बने गड्ढे में हुए जलभराव के बीच धान रोपकर विरोध जताया था। उसके बाद नगर पालिका ने एक जगह कुछ मिट्टी गिरा दी, जो मूसलाधार बारिश में बह गई।
पलट गया था ऑटो
शहर की सड़क पर सोमवार को गड्ढे में पहिया जाने से ऑटो पलट गया। उसमें बच्चे को गोद में लिए हुए एक महिला भी बैठी थी। मौके पर मौजूद व्यापारियों ने कीचड़ में उतरकर उन्हें बचा लिया। इसी स्थान पर कई बाइक सवार भी गिर चुके हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
शहर की मुख्य सड़क की स्थिति दयनीय है। बजट के बावजूद भी सड़क समय से नहीं बनाई गई। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले की प्रशासनिक जांच कराई जाएगी।
- जगदंबिका पाल, सांसद
इस सड़क के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। बारिश में ही सड़क निर्माण शुरू होगा। बारिश में गिट्टी डाली जाएगी तो सड़क अच्छी बनेगी। सड़क के मामले में नगर पालिका के जिम्मेदारों से मेरी बात हो रही है।
- श्यामधनी राही, विधायक
नगर पालिका की इस सड़क के लिए पिछले साल बजट स्वीकृत हुआ था, कुछ कार्य हुआ भी था। बीते मार्च में ही सड़क का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया गया था लेकिन नगर पालिका की ओर से टीएस जारी कराने में देर की गई। टीएस के लिए मैंने एक्सईएन से भी बात की थी। नगर पालिका ईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है और इनके खिलाफ शासन को लिखा गया है।
- दीपक मीणा, डीएम
अध्यक्ष का भाजपा से कोई संबंध नहीं
भाजपा के जिलाध्यक्ष गोविंद माधव ने कहा कि यह सच है कि नगर पालिका नरक पालिका बन गई है। नगर पालिका अध्यक्ष ने भाजपा से चुनाव जीता है लेकिन उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी प्रत्याशी का विरोध करते हुए कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े अपने दामाद की मदद की थी। जब मैं अध्यक्ष बना तो क्षेत्रीय नेतृत्व ने कह दिया था कि पार्टी की बैठक में श्याम बिहारी जायसवाल को न बुलाया जाए। नगर पालिका की स्थिति खराब होने के मामले में पार्टी क्षेत्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी गई है।