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Siddharthnagar News: पुराने तस्करों पर पुलिस की नजर तैयार की जाएगी गैंग की कुंडली

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली तस्करी और इस धंधे से जुड़े पुराने और नए लोगों की पुलिस कुंडली तैयार करेगी। इसके बाद सक्रियता के आधार पर कार्रवाई करेगी। इसमें पुराने तस्करों पर विशेष नजर रहेगी। मौजूदा समय में वह कहां हैं और क्या कर रहे हैं। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी।
अगर सक्रिय हैं तो किस प्रकार से अपराध कर रहे हैं। कहीं गैंग तो नहीं चला रहे हैं। यह बात पुख्ता होने के बाद केस दर्ज करके साथ ही पुलिस गैंगस्टर तक की कार्रवाई करेगी। भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए डीआईजी ने मास्टर प्लान तैयार करके अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए दिशा- निर्देश दिया।
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नेपाल से लगने वाली जिले की 68 किलोमीटर लंबी सीमा पूरी तरह से खुली है। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते होने के नाते खुली इस सीमा देशविरोधी तत्व गलत फायदा उठाने लगे। खुली सीमा का लाभ देश की आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए करने लगे। मौजूदा समय में मादक पदार्थ से लेकर खाद्य पदार्थ और आभूषण से लेकर कपड़े तक की तस्करी बॉर्डर पर हो रही है।
तस्करी होने की बात की पुष्टि सीमा पर लगी सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की कार्रवाई करती है। जिस वस्तु की मांग बढ़ती है, उसे दोनों देशों से इधर उधर करके तस्कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
सख्ती के बाद भी सीमावर्ती इलाके में तस्कर नहीं रुक रही है। तस्करी रोकने के लिए पुलिस अब कड़ी कार्रवाई के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसमें तस्करों की श्रेणी बनाएंगे। कई साल से पकड़े जाने वाले तस्करों के मूवमेंट के हिसाब से उनकी कुंडली तैयार करेंगे। अगर पुराने तस्कर सक्रिय हैं तो किस लेवल पर काम कर रहे हैं।
कहीं वह गिरोह तो नहीं चरा रहे हैं कि पर्दे के पीछे होकर तस्करी के धंंधे से मोटी कमाई कर रहे हैं। यह पुख्ता हो जाने के बाद पुलिस धरपकड़ शुरू करेगी, जिससे सीमा पर तस्कर को जड़ से खत्म किया जा सके।
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दो दिवसीय दौरे पर जनपद में आए डीआईजी दिनेश कुमार पी ने बार्डर पर विशेष सतर्कता बरतते हुए तस्करी रोकने के संबंध में मास्टर प्लान तैयार करके कार्रवाई के लिए दिशा- निर्देश दिया है। अगर पुलिस पुराने रिकार्ड और आंकड़ों को देखकर तस्करों पर कार्रवाई करेगी तो काफी हद तक तस्करी पर अंकुश लगने की गुंजाइश है।
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