पुलिसकर्मियों ने लेखपाल से मांगी माफी
12 अप्रैल को बीमार मां का इलाज करा लौट रहे लेखपाल को पुलिस ने पीटा था
डीएम ने सीओ और एसडीएम की संयुक्त जांच कमेटी का किया था गठन
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। लॉकडाउन के दौरान बीमार मां का इलाज कर लौट रहे लेखपाल को पीटने व अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों ने लिखित माफी मांग ली। समझौता होने पर लेखपाल संघ के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने विरोध संकल्प वापस ले लिया।
तहसील इटवा में तैनात लेखपाल 12 अप्रैल को बीमार मां को दवा देने बस्ती स्थित अपने गांव गए थे। रास्ते में डुमरियागंज पुलिस ने उन्हें रोका था। पास दिखाने और बीमार मां की दवा दिलाने जाने का हवाला देने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनसे मारपीट और अभद्रता की थी। घटना की जानकारी होने पर लेखपाल संघ ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की मांग करते हुए काम से विरत रहने की घोषणा की थी। डीएम दीपक मीणा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सीओ और एसडीएम की संयुक्त जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी की जांच में आरोपित सब इंस्पेक्टर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने की पेशकश रखी थी।
पीड़ित लेखपाल ने शर्त रखी कि सब इंस्पेक्टर उनसे लिखित माफी मांगने के साथ उनकी बीमार मां से क्षमा मांगें। जिला अध्यक्ष अजय कुमार गुप्त ने बताया कि 29 अप्रैल की शाम एसडीएम व सीओ इटवा के साथ एसएचओ डुमरियागंज, आरोपित एसआई और पुलिसकर्मी लेखपाल के घर पहुंचे। आरोपित पुलिसकर्मियों ने लेखपाल संघ अध्यक्ष सहित रामसमुझ, अमरदीप चौधरी, नवीन कुमार चौधरी, अरविंद प्रभाकर, नवीन कुमार और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में लेखपाल और उनकी मां से माफी मांगी। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं होने का आश्वासन दिया।