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Siddharthnagar News: पीएम रिपोर्ट के भंवर में दम तोड़ रही पुलिस की पड़ताल

Fri, 06 Dec 2024 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। हत्या दिखने वाले केस सुलझने के बजाय उलझ जा रहे हैं। प्रथमदृष्टया हत्या मानते हुए पुलिस आगे तो बढ़ रही है, लेकिन जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ रहा है, उसकी दिशा बदल जा रही है। कारण जो हत्या दिख रहा है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का स्पष्ट न होना सामने आने के बाद गुत्थी सुलझने के बजाए उलझ जा रही है। जबकि, मृतक का परिवार चीखकर हत्या का आरोप लगा रहा है।
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हाल ही में सामने आई किशोरी और युवती की मौत की घटना ने सवाल उठा दिया है। युवती से घर से लापता होती है। बोरे में उसकी लाश मिलती है। चेहरे पर जख्म के निशान मिलते हैं। परिस्थिति और पुलिस दोनों हत्या मानकर आगे बढ़ी, लेकिन पीएम रिपोर्ट में दोनों मामले में मौत का कोई कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। अब विसरा जांच के लिए भेजा गया है। विसरा देर से आती है। ऐसे में पीड़ित की न्याय से उम्मीद टूट जाती है। पूर्व की कई ऐसी घटनाएं हैं, जिसमें पीएम रिपोर्ट के भंवर जाल में पुलिस की पड़ताल दम तोड़ चुकी है। वहीं, वारदात को अंजाम देने वालों के हौसले बुलंद हैं, जो वारदात के बाद बच चुके हैं।
विधि विशेषज्ञों की राय है कि अगर असान्य हालात में लाश मिलती है और परिवार आरोप लगा रहा है तो पुलिस को केस दर्ज करने के साथ ही जांच करनी चाहिए हैं। निश्चित ही मामले का वर्कआउट होगा। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पोस्टमार्टम बहुत ही जिम्मेदारी का कार्य है। जबतक हो गहनता से देखना चाहिए, इससे रिपोर्ट बनाने में दिक्कत नहीं होती है।
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बोरे में मिली थी युवती की लाश, रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं

डुमरियागंज थाना क्षेत्र के अमौना पांडेय गांव के पास नवंबर माह में बोरे में एक युवती की लाश मिली थी। उसके चेहरे पर जख्म के निशान थे। हालात यह बयां कर रहा था कि उसकी हत्या करके बोरे में लाश को रखकर फेंका गया है। पुलिस भी हत्या मानकर जांच में आगे बढ़ी थी। 72 घंटे इंतजार के बाद पोस्टमार्टम हुुआ और त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी के रूप में युवती की पहचान पिता ने की। उसने एक युवक पर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने केस भी दर्ज किया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच सुलझने के बाद उलझ गई। क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट ही नहीं है। विसरा जांच के लिए भेजा गया है, जिसके आने में काफी समय लग जाएगा। ऐसे में अपराध करने वाले आसानी से घूमेंगे।
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पहले लापता, फिर झाड़ी में मिली लाश
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के कस्बे में एक 28 नवंबर को एक कार्यक्रम से किशोरी लापता हो गई। इसके तीन दिन बाद घटना स्थल से तीन किलोमीटर दूर एनएच के पास झाड़ी में उसकी लाश मिली। हालात और मौके पर मौजूद लोग हत्या बता रहे थे। किशोरी की मां ने भी हत्या करने का आरोप लगाया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में थी, उसके आने के बाद केस दर्ज करने के लिए कहा था। पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मां के न्याय की उम्मीद टूट गई। साथ ही पुलिस की जांच ही प्रभावित हो गई। क्योंकि जिस मामले को हत्या माना जा रहा था, पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में केस दर्ज नहीं हुआ है।

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युवक के मौत में हत्या का आरोप, मौत का कारण स्पष्ट नहीं

शहर से निकलकर लोटन जाने वाले मार्ग पर स्थित धौरीकुुईया के पास एक कार पानी में चली गई थी। इस घटना में एक की मौत हो गई थी। जबकि, दूसरा सुरक्षित बच गया था। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर हत्या कर देने का आरोप लगाया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। ऐसे में विसरा जांच के लिए भेजा गया है। इस पीएम पर ही लोग सवाल उठा रहे थे। क्योंकि अगर पानी में कार डूबी और बाहर निकाला गया तो डूबने से मौत पर पेट में पानी होता और डूबकर मौत की बात आती। जबकि, ऐसा नहीं हुुआ। वहीं, मृतक के शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले थे। मौत कैसे हुई यह रहस्य बनकर रह गया। क्योंकि कारण सामने आता तो पुलिस जांच आगे बढ़ाती।
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कोट
असान्य दिखने वाली मौत के मामले में पुलिस को केस दर्ज करना चाहिए। अगर परिवार आरोप लगा रहा है तो तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए। भले ही जांच में समय लगे और केस उलझ हुआ दिखे। क्योंकि लापता होना बोरे में लाश का मिला या झाड़ी में लाश का मिला यह सामान्य मौत नहीं हो सकती है। भले ही पुलिस तत्काल गिरफ्तारी न करे, लेकिन जांच जारी रहना चाहिए।
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संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता अपराध जनपद न्यायालय
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