पुलिस के नाक में दम करने वाले चोरों के गिरोह का सरगना शुक्रवार की शाम पुलिस के हाथ लग गया। सदर थाना पुलिस व स्वाट टीम को काफी दिनों से इसकी तलाश थी। पूछताछ में कई मामलों का खुलासा हुआ और कई के संबंध में जानकारियां भी मिली।
टीम को मिली सफलता को देखते हुए एसपी अजय कुमार साहनी ने 5 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रमजान व जनपद संतकबीर नगर के थाना मेंहदावल के ग्राम समदा का निवासी है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने काफी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात व महंगे मोबाइल सेट की बरामदगी किया है। क्षेत्राधिकारी सदर मोहम्मद अकमल खान ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना पुलिस व स्वाट टीम ने साड़ी तिराहा के पास स्थित कृषि भवन के पास नाकाबंदी कर दिया।
मुखबिर के इशारे पर आरोपी को पकड़ा तो हमराहियों ने चोरों के गिरोह के सरगना के रूप में शिनाख्त किया। पूर्व में भी यह दो बार जेल जा चुका है। पूछताछ में बताया कि मुख्यालय के खजुरिया मोहल्ला में किराए के मकान में रहकर बिजली मिस्त्री का काम करता है।
जमानत पर आने के बाद सदर थाना क्षेत्र में थरौली निवासी उपसंभागीय कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी पद पर कार्यरत कृष्णा के घर पर 16 सितंबर को चोरी की घटना को अंजाम दिया। यहां से चांदी की पायल, बिछुआ व सोने के कई जेवरात पर हाथ साफ किया था।
इसके बाद 18 नवबंर को रामनगर मोहल्ला निवासी शब्बीर के घर में चोरी की। यहां से 50 हजार रुपये नगदी के साथ सोने के जेवर व कागजात को उठाया। आरोपी के निशानदेही पर पुलिस के हाथ चोरी के माल के रूप में 12 हजार नगदी, सोने की 4 अंगूठी, सोने की 3 झूमके व चांदी के जेवरात मिले।
इसके अलावा शब्बीर के घर से चोरी गए ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई कार्ड व स्वास्थ्य बीमा कार्ड भी मिला है। बांसी कोतवाली क्षेत्र में भी दो चोरी की घटना में संलिप्तता बताई। गिरोह के दो सदस्य फरार होने में सफल हो गए, इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
गिरफ्तार करने वाली टीम का नेतृत्व एसओ सदर शिवाकांत मिश्रा ने किया व स्वाट टीम के प्रभारी गिरिजेश उपाध्याय, उपनिरीक्षक दीपक दूबे, आरक्षी देवेश, आशुतोष त्रिपाठी, अवनीश सिंह आदि मौजूद रहे।