इटवा। इटवा थाने के एक गांव निवासिनी चार वर्षीय बालिका के अपहरण के बाद दुष्कर्म किये जाने की घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है। लोग एक दूसरे से बात करने से कतरा रहे हैं। यहां तक कि गांव के लोग ने बाहरी लोगों से बात नहीं कर रहे हैं। मोबाइल पर इस संबंध में पूछने पर पहले कुछ बोल नहीं रहे और फिर फोन बंद कर ले रहे हैं।
वहीं घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस मासूम के अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने में नाकाम है। बुधवार को हुई इस घटना के बाद इटवा पुलिस की मौजूदगी गांव में बनी हुई है। बृहस्पतिवार को दिन में भी इटवा पुलिस की मौजूदगी के चलते गांव के लोग किसी से बात करने से परहेज कर रहे हैं।
गांव में अधिकांश परिवारों के मुंबई में रहने के चलते गांव में पुरुषों की मौजूदगी बहुत कम है। परंतु जो है भी वह भी कुछ बताने से बचने के लिए गांव से बाहर है। गांव में रह रहे परिवारों में अधिकांश परिवार अपहरण करके दुष्कर्म करने की घटना से बाहर सोने में भी डर महसूस कर रहे हैं। इनका कहना है कि इस तरह की घटना का कहीं पुनरावृत्ति न हो जाए। इटवा पुलिस अभी कुछ लोगों से पूछताछ कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश में है।
वह इस घटना में शामिल आरोपी तक पहुंचने के लिए हाथ पैर मार रही है। परंतु वह अभी आरोपी के कितनी दूर अथवा करीब है, बताने से परहेज कर रही है। इस संबंध में एसओ श्रीप्रकाश यादव से बात करने की कोशिश की गई, परंतु उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।