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Siddharthnagar News: पुलिस ने खातों से संबंधित जानकारी मांगी.. नहीं दिए कसेगी शिकंजा

Tue, 09 Jul 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से 50 लाख से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस की जांच
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- नोटिस में मांगा का गया खाता खोलना संबंधित और निकासी से जुड़ी हर जानकारी

- रिपोर्ट में घर मेल पर शिकंजा काशी की पुलिस होगी कार्रवाई

- कई लोगों के गिरफ्त में आने की बात आ रही है सामने

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का खाता खोलकर 50 लाख से अधिक हेराफेरी करने के मामले में सरकारी बैंकों से पुलिस को जानकारी मिल गई है। अब पुलिस निजी बैंकों को नोटिस भेजकर खाता खुलने और रुपये की ट्रांसफर करने की जानकारी मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे जांच करेगी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर केस दर्ज करके कार्रवाई करेगी।
सूत्रों की माने तो पुलिस को कुछ ऐसे कागजात मिले हैं। जिससे यह साबित हो जाएगा कि पूरा मामला धोखाधड़ी का है और एक रैकेट काम कर रहा है। बड़ी संख्या में लोग पुलिस की गिरफ्त में आएंगे।
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सदर थाना क्षेत्र के पिपरी, पिपरी, दौलतपुर आदि में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आरोपी अनीता एवं सोमनाथ ग्राहण सेवा केंद्र का संचालक की ओर से गांव की विभिन्न महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके बहला फुसलाकर धोखे से विभिन्न समूहों के फाइनेंस बैंकों में लोन का खाता खुलवाकर लोन की धनराशि को समूहों की महिलाओं से अंगूठा लगवाकर स्वंय अपने बैंक के खाता में हस्तांतरित कर लेते थे। 111 बैंक खाता से लाखों की ठगी की बात उजागर हुई है। 33 लाख अभी तक सामने आया है। जबकि इतनी ही राशि की और ठगी होने का अनुमान है। पुलिस आरोपियों को जेल भेजने के बाद पूरे नेटवर्क को तोडऩे के लिए तह तक जाने में जुटी है।
पुलिस को 18 निजी बैंक के नाम, फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र मिला था। निजी बैंक में कैसे रुपये स्थानांरित हुआ इसके बारे में जानकारी के लिए पुलिस ने बैंक खाता वाले पांच बैंकों को नोटिस जारी करके डिटेल मांगा था। इसमें बैंक की ओर से जानकारी मिल गई। इसमें एक-एक महिला के नाम से 10 से अधिक बैंक खाते खोलकर धनराशि अन्य खातों में भेजे जाने की बात सामने आ चुकी है। अब पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि उसे 10 से अधिक निजी बैंकों के खाते में धनराशि हस्तांतरित होने की सुबूत मिले हैं। अब पुलिस इन बैंकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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नोटिस में खाता खोलने और रुपये निकालने से जुड़े साक्ष्य मांग रही है। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस उसकी जांच करेगी। एक-एक कागजात को प्रमाणित करेगी। इसमें उपभोक्ता का हस्ताक्षर, अंगूठा का मिलान, आधार कार्ड नंबर और उससे जुड़ा डाटा, जो भी खाता खोलने में अभिलेख लगे होंगे सभी की सत्यता प्रमाणित करेगी। इसके बाद फिर मुकदमे का दायरा बढ़ाएगी। जो भी दायरे में आएगा उस पर केस दर्ज होगा। बताया जा रहा है कि इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद पूरे जनपद में संचालित होने वाले इस प्रकार के कार्यों को भंडाफोड़ हो सकता है। क्योंकि पुलिस हर कड़ी से जोड़ रही है। इस संबंध में सदर कोतवाल गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस हर बिन्दुओं की बारीकी से जांच कर रही है। जो भी इसमें दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरी निष्पक्ष से मामले की जांच कर रही है।
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