सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंबेडकर सभागार में गुरुवार को बैठक हुई। इसमें निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को लगाए जाने वाले टीका के बारे में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया। बताया गया कि बच्चे निमोनिया का शिकार न हों, इसके लिए उन्हें न्यूमोकॉकल की टीका लगाई जाएगी। यह टीका निमोनिया के वाहक माने जाने वाले बीस प्रकार के विषाणुओं से लड़ने की क्षमता बढ़ाएगा।
प्रशिक्षण में बताया गया कि यह विशेष वैक्सीन तीन प्रदेशों में एक साथ लांच की जा रही है। बिहार के 17, यूपी के सात व अरुणाचल प्रदेश के सभी जिलों में इस वैक्सीन से टीकाकरण की शुरुआत की जा रही है। सिद्धार्थनगर भी इसमें शामिल है। विश्व के कई देशों में इस वैक्सीन के प्रभाव को देखने के बाद भारत सरकार इसे नियमित टीकाकरण का हिस्सा बना रही है। इसके तहत छह माह के मासूमों को निमोनिया से बचाने के लिए टीका लगाया जाएगा।
डीएम कुणाल सिल्कू ने सभी जिम्मेदारों को वैक्सीन की महत्ता को प्रत्येक जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
चेतावनी दी कि नियमित टीकाकरण के दौरान कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. संदीप पाटिल, डॉ. हामिद, राजीव रंजन ने ब्लॉक स्तरीय ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया। यह ट्रेेनर 22 व 23 मई को ब्लॉक स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण के दौरान एएनएम, सुपरवाइजर व अन्य को टीकाकरण के बारे में जानकारी देंगे। इस दौरान सीडीओ अनिल कुमार मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पीपी राय, डॉ. सौरभ द्विवेदी, राजेश शर्मा, मान बहादुर, राजेश मिश्रा, डॉ.शैलेंद्र मणि ओझा, डॉ. एमडब्लू खान, डॉ. प्रशांत अस्थाना, डॉ. एके अग्रहरि, डॉ. सुबोध चंद्रा, डॉ. अमित उपाध्याय आदि मौजूद रहे।