शहर में स्थित मिठाई की दुकान पर सजी हुई मिठाइयां।
सिद्धार्थनगर। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों पर मानक दरकिनार किए जा रहे हैं। दुकानों पर बिक रही खोवे की मिठाई पर उत्पाद व एक्सपायरी समय निर्धारित नहीं है। इससे ग्राहकों को दुकानदार 24 घंटे में खराब होने वाली मिठाई को भी आठ से दस दिनों तक बेच रहे हैं। ऐसे में इस मिठाई को खाने से लोग बीमार पड़ जाएंगे।
जिले में त्योहारी सीजन में 450 क्विंटल से अधिक खोवे की खपत होती है। इन खोवे से लिक्विड और सूखी मिठाई बनाई जाती है। इन मिठाइयों को खाने का एक निर्धारित समय भी होता है। उसके बाद मिठाइयों को खाने से लोग बीमार ही पड़ेंगे। जिले के लगभग 70 प्रतिशत दुकानदार मिठाई बनाने और खराब होने की तिथि नहीं लिख रहे हैं।
दुकानों के शोकेस में सजी मिठाइयों को देखकर सहज अंदाजा लगा पाना मुश्किल है कि वह कब बनी हैं, उनको कब तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है। जबकि खाद्य विभाग हर वर्ष दुकान में रखी मिठाइयों के पैकेट पर एक्सपायरी डेट लिखने का निर्देश देता है। लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है।
इस लापरवाही को देखकर भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी अनजान बने हुए हैं। आमतौर पर लोग चखकर और इससे उठने वाली महक के आधार पर सही या खराब होने की पहचान करते हैं। ं