डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित बड़े इमामबाड़े में शनिवार को कर्बला से जियारत कर ग्राम हल्लौर लौट कर आने वाले लोगों के लिए मर्सिया मजलिस आयोजित हुई। मजलिस से पहले मर्सियाख्वानी अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने की।
मजलिस में जाकिर जमाल हैदर रिजवी ने कहा कि कर्बला की जियारत करके लौटने वाले जायरीन अपनी जिंदगी और किरदार में तब्दीली लाते हुए नेकी, भलाई के रास्ते पर चलें l जमाल हैदर ने मजलिस के आखिर में हजरत इमाम हुसैन की शहादत के मंजर को बयां किया l हल्लौर कस्बे से जायरीनों का जत्था एक पखवाड़ा पहले कर्बला, ईरान, इराक, नजफ आदि स्थानों पर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल (रौजे) की जियारत के लिए रवाना हुआ था। जो शनिवार को सकुशल हल्लौर लौट आया। लोगों ने जायरीनों का फूल माला पहनाकर और गले लगकर स्वागत किया।
इस दौरान हिलाल हैदर, हसन अब्बास, आफताब हैदर, काजिम रजा, हसन जावेद, ताकीब रिज़वी मौजूद रहे।