संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। सफाई के लिए तैनात सफाई कर्मियों की इस समय मौज है। काफी तादाद में सफाईकर्मी तैनाती के गांव में ड्यूटी पर जाने की बजाय ब्लॉक कार्यालय में दिखाई दे रहे हैं। नतीजतन गांवों में गंदगी और कूड़े का ढेर लग जा रहा है। जांच के लिए लगाए गए एडीओ पंचायत कभी गांव में जांच नहीं कर रहे हैं। इस कारण जिन सफाई कर्मियों की ड्यूटी जिस गांव में लगाई गई है, वह वहां नहीं जाते हैं।
डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में 232 सफाईकर्मी हैं। गांव से लेकर कई कस्बे में इस समय गंदगी का अंबार लगा है। सफाई व्यवस्था पहले से और भी बदतर है।
डुमरियागंज के हल्लौर, जबजौआ, अरनी, तिलगडिया, महुआ खुर्द, परसपुर, जमुनी, वासा, बयारा, गरदहिया, जखौली, टिकरिया, औराताल आदि गांव में सफाईकर्मी कभी-कभार ही गांव में दिखाई देते है, जिसके चलते इन गांव में जगह-जगह कूड़ा करकट और गंदगी का ढेर लगा है।
आरोप है कि कई गांव में सफाई कर्मी ग्राम प्रधान की जी हुजूरी करके हर माह वेतन उठा ले रहे हैं। गांव में किसी की हिम्मत नहीं हो पा रही है कि वह सफाई कर्मियों की लापरवाही की आवाज उठा सकें।
क्षेत्र के सरवर आलम, राशिद, मनोज कुमार, सैफ हैदर, प्रवेश कुमार, रंजीत, मुनीम, मैनुददीन, लालता प्रसाद आदि ने सफाईकर्मियों की मनमानी पर अंकुश लगाने और गांव गांव में रोस्टर के तहत साफ सफाई करवाए जाने की मांग ब्लॉक प्रशासन से की है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत अमित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सफाई कर्मियों को तैनाती वाले गांव में नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सफाईकर्मी के ड्यूटी पर न आने की शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।व