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Siddharthnagar News: फोन से खुलेगा अवैध शराब के धंधे का राज

Sun, 12 May 2024 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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पीडीएफ- है
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- शहर में अंग्रेजी शराब बनाने वाले दो आरोपियों के जेल जाने के बाद पुलिस को मिल रहे इनपुट

- शराब के एक दुकानदार और महाराजगंज के कारोबारी की तलाश में पुलिस

- पकड़ में आते ही चलेगा पता जनपद में कितनी दुकानों पर होती थी नकली अंग्रेजी शराब की सप्लाई

- तीन स्पेशल टीम पकडऩे के लिए लगी दुकानों पर भी अलग तरीके से की जा रही जांच

- उन दो आरोपियों को पकड़े जाने के बाद होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शराब के धंधे से संपत्ति बनाने का भी जांच करेगी पुलिस

- शहर सेट महंगा में पकड़ी गई थी अंग्रेजी शराब बनाने की अवैध फैक्टरी

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। अवैध तरीक से शहर से सटे महनगा में अंग्रेजी शराब की फैक्टरी संचालित करने के मामले में पुलिस को नये इनपुट मिल रहे हैं। जेल भेजे गए दो आरोपियों ने दो लोगों का नाम उगला था। जिनकी तलाश में पुलिस की तीन अलग- अलग टीमें महराजगंज और जिले अलग- अलग ठिकानों पर छापा मार रही। दोनों के नंबर तो मिले हैं, लेकिन गिरोह के दो सदस्यों के पकड़े के जाने के बाद दोनों ने मोबाइल बंद कर रखा है। वहीं, पकड़े गए दोनों आरोपियों के मोबाइल से जांच टीम को अहम जानकारी मिल रही है। सूत्रों की माने तो दोनों के पकड़े जाने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। दुकानदार से लेकर सप्लाई करने वाले कई लोग कार्रवाई की जद में आएंगे। इसमें शराब के ठेके पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

नगर से सटे महनगा में एक घर में अवैध रूप से अंग्रेजी शराब बनाने और बिक्री करने के धंधे का सदर पुलिस और एसओजी की टीम ने भांडाफोड़ करते हुए पांच दिन पहले दो आरोपियों को दबोचा था। इनके कब्जे से हूबहू कई ब्रांड की अंगे्रजी शराब और अधिर्निमित जिसे पैक किया जाना था, ५०० लीटर शराब पकड़ा था। केस दर्ज करके पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। लेकिन पूछताछ में इन्होंने दो लोगों को नाम उगला, जिसमें महराजगंज के शख्स को शराब बनाने के पूरे सामान और शीशी, ढक्कन और रैपर आपूर्ति करने वाला बताया था। जबकि जिले के एक दुकानदार को बताया था जो माल खपाता था। इससे अधिक कुछ नहीं बताए थे। लेकिन जांच में जुटी पुलिस को कुछ कागजात मिले हैं। जिसकी गहनता से जांच कर रही है। इसके जरिए पुलिस आगे बढ़ रही है। वहीं, पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल की जांच और उससे हुए कॉल की कुंडली को खंगाल रही है कि किससे बात हुई है और कहां रहता है क्या करता है। वहीं, गिरोह से जुड़े दो लोगों को नाम सामने आया है, उनकी धरपकड़ लिए तीन टीमें लगे हैं। जो लगातार दबिश दे रही हैं,अगर मोबाइल बंद न होता तो शायद पुलिस की गिरफ्त में होते। सूत्रों की माने तो मोबाइल के कॉल और आरोपियों के पकड़े जाने के बाद रैकेट बड़ा हो जाएगा।
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यह है घटनाक्रम

शहर से सटे महनगा गांव में जो कलेक्टे्रट से महज दो किलोमीटर हो गया। यहां पर अवैध शराब की फैक्टरी संचालित हो रही थी। अंग्रेजी शराब बनाकर उसे दुकान पर बेचा जा रहा था। पुलिस को इस बात की जानकारी तब हुई जब चेकिंग के दौरान दो लोग अंग्रेजी शराब के साथ पकड़े गए। पकड़े गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि खुद शराब बनाकर बेचने का कार्य करते थे। इसमें लालजी निवासी कोटिया बाजार और श्याम कुमार हलवाई निवासी डाकघर रोड थाना बृजमनगंज जनपद महराजंग पकड़े गए। इनकी निशानदेही पर लालजी के घर से बड़ी मात्रा में शराब और ५०० लीटर अर्धनिर्मित शराब बरामद किया। साथ ही शराब बनाने वाले केमिकल, ढक्कन और शीशी पकड़ी गई। पुलिस अब इस नजीते पर पहुंचने की कोशिश में जुटी है कि शराब बनाकर कहां और किस दुकान पर खपाते थे। सूत्रों की माने तो पुलिस को अहम जानकारी हाथ लगी है जिससे जरिए कुछ और लोगों को दबोच सकती है। इसमें लाइसेंसी दुकानदार बेनकाब हो सकते हैं।

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नेपाल में भागने की जताई जा रही है आशंका

पकड़े गए दोनों आरोपियों ने महराजगंज निवासी सुनील नाम के व्यक्ति का नाम बताया था। उनके बताए जाने के हिसाब से अगर शराब बनाने का सामान देता था तो सप्लाई में उसका अहम योगदान होगा। लेकिन उसके पकड़े जाने के बाद ही यह राज खुल पाएगा। दो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद से उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि वह नेपाल जा सकता है। क्योंकि महराजगंज भी नेपाल बार्डर से लगा हुआ है। हालांकि पुलिस पूरी शिद्दत से दबोचने के लिए लगी है।

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दुकानों पर आपूर्ति के बारे में ली जा रही है जानकारी

सरकारी शराब के ठेके पर कितना हर माह उठान और बिक्री होती है, इसके बारे में भी पुलिस छानबीन कर रही है। इसके पीछे की वजह है कि पूर्व में अगर अधिक था तो मौजूदा समय में बिक्री बहुत कम तो नहीं हुआ है। अगर कम हुआ तो क्यों हुआ है। इससे पुलिस निष्कर्ष तक पहुंचने में जुटी है। क्योंकि मिलान पर राजस्व की रिकवरी का भी पता चल जाएगा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि बाहरी की बिक्री की गई है।

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लंबे समय से चलता था कार्य

सूत्रों की माने तो पुलिस टीम की जांच में सामने आया है कि शोहरतगढ़ निवासी आरोपी लगभग पांच साल पहले आया था। संभवत: आने के एक या दो साल बाद उसने यह धंधा शुरू कर दिया होगा। क्योंकि जिस प्रकार से सेटअप और कार्य करने का तरीका था, उससे लगा कि अनुभव ठीक ठाक है। ऐसे में अगर लंबे समय से चल रहा था कि राजस्व को काफी क्षति हुई होगी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के पकड़ जाने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी और उसकी संपत्ति की जांच करेगी। अवैध पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
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बोले जिम्मेदार

अवैध शराब की बरामदगी के मामले की जांच चल रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। मोबाइल से लेकर हर स्तर पर जांच हो रही है। दो वांछितों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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