प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिकरी बदहाल है। दो माह से अस्पताल में डाक्टर की तैनाती नहीं हुई है। फार्मासिस्ट के जिम्मे अस्पताल चल रहा है। बिजली का तार बगल में दौड़ रहा है लेकिन कनेक्शन नहीें है। परिसर में लगा इंडिया मार्का बदबूदार पानी दे रहा है। मरीज पेयजल के लिए बाहर का रास्ता देखते है। वार्ड तो बना है लेकिन बेड खस्ताहाल हो चुके है। ग्रामीणों को विभाग के अधिकारियों की अनदेखी भारी पड़ रही है। मजबूरी में झोलाछाप डाक्टर के पास इलाज कराने को जाना पड़ रहा है।
पीएचसी सिकरी के कंधों पर 30 ग्रामों की 40 हजार की आबादी के इलाज का भार है। नवंबर में यहां तैनात डाक्टर सेवानिवृत्ति पर क्या गए, अभी तक यहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है।
अस्पताल का निर्माण हुए 12 वर्ष पूर्व किया गया था। अभी तक बिजली नहीं लग पाई है। विद्युत कनेक्शन के बिना वायरिंग जर्जर हालात में पहुंच चुकी है। वाटर सप्लाई के लिए टैंक का निर्माण किया गया था, लेकिन बिजली के अभाव में वह भी बेकार साबित हो गया।
मरीज व परिचायकों के लिए लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है। आकस्मिक सेवा के नाम पर मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं उपलब्ध है। पीएचसी में रात को कोई जिम्मेदार नहीं मिलता है। मजबूरी में ग्रामीण मोहाना बाजार का रूख करते है। क्षेत्र के निवासी राधेश्याम, मोहम्मद असलम, रफीक आदि ने प्रशासन से जल्द ही अस्पताल की बदहाली को दूर करने की मांग किया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. जीसी श्रीवास्तव का कहना था कि जल्द ही स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की पड़ताल करेंगे। समस्याओं को दूर कराया जाएगा।