फार्मासिस्टों ने उत्पीड़न का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन
सिद्धार्थनगर। सरकारी अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के नाराजगी जताई है। औचक निरीक्षण में सीएमओ की ओर से फार्मासिस्टों का उत्पीड़न करने और एक साथ सभी रिकार्ड लेकर उपस्थित होने के निर्णय का विरोध जताते हुए एसोसिएशन की ओर से सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
सीएमओ दफ्तर में मौजूद नहीं थे। इस मौके पर संगठन की ओर से चेतावनी पत्र देने का निर्णय लिया गया। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी यादव, जिला मंत्री डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा की संयुक्त अगुवाई में सोमवार को एकत्र फार्मासिस्टों ने आरोप लगाया कि सीएमओ की ओर से अस्पतालों का निरीक्षण किया जाता है। इस दौरान संवर्ग के लोगों को अनावश्यक निर्देश दिए जाने से आहत हैं। दूसरे संवर्ग का कार्य दायित्व भी सौंप दिया जाता है। पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। सोमवार को सभी फार्मासिस्टों से एक साथ समस्त रिकार्ड तलब किया गया, पर जांच सिर्फ एंटीजन किट से जुड़े बिंदु की हुई। उनका आरोप था कि जब एक बिंदु की जांच होनी थी तो सभी रिकार्ड क्यों तलब किए गए। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी की।
सीएमओ के न रहने पर प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। जिला मंत्री गोविंद प्रसाद ओझा ने बताया कि उत्पीड़न समेत अन्य बिंदुओं के मामले में सीएमओ को पत्र सौंपा जाएगा। उत्पीड़न पर अंकुश न लगने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान डीएन त्रिपाठी, मृत्युंजय पांडेय, नागेश पांडेय, जीपी गुप्ता, सुभाष उपाध्याय, पीके मिश्र, वीके मिश्रा, महबूब आलम, जमील अहमद, मनोज दूबे, अमरशेन्न सिंह, श्याम नारायण, अर्जुन वर्मा, राजेंद्र प्रसाद चौधरी, ओपी पांडेय, रतन शंकर चौधरी, रमेश मिश्रा, सीपी सिंह, नरेंद्र श्रीवास्तव, ध्रुव पांडेय, राजू प्रसाद आदि उपस्थित रहे।