जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बच्चा।
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सिद्धार्थनगर। सुबह बारिश फिर तेज धूप। मौसम का पल-पल बदलता यह मिजाज स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होने लगा है। वायरल बुखार सहित डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मौसम का यह सितम सबसे ज्यादा बच्चों पर कहर बरपा रहा है। जिला अस्पताल में आने वाले पीड़ितों में बच्चों की ही तादाद अधिक है।
अकेले डायरिया के ही 4-5 मामले रोजाना आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को मौके की नजाकत भांपते हुए खान-पान में ऐहतियात बरतने की हिदायतें दे रहे हैं। शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती होने वालों में भरवलिया के सुनील (32), बर्डपुर की साधना (10), सुल्तानपुर गांव निवासी अलीमुन्निशा (40), मधुबेनिया निवासी आरती (34) शामिल रहीं।
सभी को उल्टी-दस्त, बुखार की शिकायत थी। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में उतार-चढ़ाव से यह समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। दूषित पेयजल और बासी भोजन का सेवन न करें। बीमारी के प्रारंभिक लक्षण दिखते ही तत्काल अस्पताल में संपर्क करें।
अस्पताल आ रहे ज्यादातर बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में हैं। जिला अस्पताल में शुक्रवार को डायरिया व तेज बुखार से पीड़ित बच्चों की भीड़ लगी रही। तेज बुखार होने पर बच्चों को झटका भी आता है। इससे दिमाग पर भी असर जाने का डर बना रहता है।
तेज बुखार से पीड़ित का समय से इलाज न कराने से जेई, एईएस होने का खतरा बना रहता है। जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में डायरिया व तेज बुखार से पीड़ित कुल आठ बच्चों को भर्ती कराया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि बच्चों को साफ-सुथरा रखें। परिवार में यदि किसी को सर्दी व बुखर हुआ है तो बच्चों को उनसे कम से कम एक मीटर की दूरी पर रखें। धूप से आने के बाद तुरंत स्नान न करें। साथ ही बच्चों को कुछ खिलाने पिलाने से पहले उनका हाथ साबुन से धुलेें। बुखार होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।