डुमरियागंज। उपेक्षा और बदहाली से कराहती जीवनदायिनी नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिए अमर उजाला के अभियान से लोगों का समूह जुड़ने लगा है। बांसी, शोहरतगढ़ के बाद अब डुमरियागंज में भी लोग नदियों की सुरक्षा को लेकर आगे आए हैं। .
शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैठक कर उसे बचाने की मांग की। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्रमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डुमरियागंज तहसीलदार को सौंपा। जल्द से जल्द क्षेत्र में बहने वाली राप्ती नदी में हो रहे अवैध खनन व कब्जा हटाने की मांग की।
चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस पर पहल नहीं किया तो भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन पर बाध्य होंगे।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व संतकबीरनगर जिला प्रभारी नरेंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि राप्ती नदी अपने तट पर बसे नगर व गांवों को समृद्धशाली बनाने का गौरवशाली इतिहास है। वर्तमान में राप्ती के अस्तित्व पर संकट आ गया है। नदियों के गौरवशाली अतीत को संरक्षित करने व इसके जल को फिर से पीने योग्य बनाने के लिए भाजपा महत्वपूर्ण योजना संचालित कर रही है।
डुमरियागंज तहसील की प्राचीन व बड़ी नदी राप्ती उपेक्षा, बदहाली, अतिक्रमण और अवैध खनन के चलते सिकुड़ती जा रही है। इसे बचाने के लिए शासन स्तर से पहल होने के साथ ही स्थानीय तहसील प्रशासन को भी इस पर पहल करनी चाहिए।
बैठक को भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय पांडेय व अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ.राजेश गौतम ने भी संबोधित किया। बैठक के बाद सभी कार्यकर्ता नरेंद्रमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में तहसील सभागार में पहुंचे।
यहां राप्ती नदी के उत्थान से संबधित राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रभारी तहसीलदार शिरीश त्रिपाठी को सौंपा। इस दौरान अनूप यादव, पंकज दुबे, शक्तिमणि त्रिपाठी, ब्रह्मदेव, हरिमंगल सोनी, यशोदानंद चौबे, दिवाकर त्रिपाठी, कुन्नू तिवारी, रामप्रकाश गौतम, फूलचंद यादव, बब्लू तिवारी, पिंटू, उदयपाल, मोहम्मद फिरोज, शमीम आदि मौजूद रहे।