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राप्ती के रौद्र रूप से सहमे लोग, बांसी में ओवरफ्लो हुए बांध

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बभनी बाजार में सड़क पर भरा पानी। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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राप्ती के रौद्र रूप से सहमे लोग, बांसी में ओवरफ्लो हुए बांध
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सिद्धार्थनगर। तीन बांधों को तोड़ बूढ़ी राप्ती से कई गांवों में मची तबाही अभी कम नहीं हुई कि अब राप्ती भी जिले में त्रासदी का नया इतिहास रचती दिख रही है। जिले में राप्ती नदी का जलस्तर अब तक के सभी रिकार्ड ध्वस्त कर चुकी है। बांध से ओवरफ्लो होकर बांसी कस्बा के कई मोहल्ले के घर एवं दुकानों में पानी भर रहा है। यहां कई जगह रिसाव कर रहे बांध को बचाने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला कसरत करते दिख रहा है।
राप्ती नदी शनिवार दोपहर तक खतरे के निशान 84.900 मीटर से 1.30 मीटर ऊपर 86.200 मीटर पर बह रही थी, जो उसके अब तक के उच्चतम जलस्तर 85.950 मीटर से 25 सेमी अधिक है। इसका नतीजा है कि बांसी कस्बा बचाने को राप्ती नदी किनारे बने बांसी-पनघटिया बांध के ऊपर से बाढ़ का पानी कस्बे में बह रहा है।
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बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, अकबर नगर मोहल्ले में डॉ. अब्दी चौराहे के पास नदी का पानी बांध से ऊपर बह रहा है। कस्बे के छह मोहल्लों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई घरों व दुकानों में बाढ़ का पानी भर गया है। इस जलभराव से कस्बे की लगभग दस हजार की आबादी प्रभावित है। शनिवार की सुबह आए सैलाब से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ का पानी अकबर नगर, मंगल बाजार, शास्त्री नगर, शंकर नगर, गौतमबुद्ध नगर, श्याम नगर, राप्ती नगर मोहल्लों में भर रहा है। घरों व दुकानों में पानी भरने से शनिवार की सुबह से पूरे नगर में अफरातफरी का माहौल हो गया।
लोग अपने घरों व दुकान का सामान निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। लोगों का कहना है कि राप्ती नदी के बढ़ने का यही सिलसिला रहा तो नगर के अधिकांश मोहल्लों में पानी भर जाएगा। जलस्तर घटने के बावजूद बूढ़ी राप्ती नदी वर्तमान में खतरे के लाल निशान 85.650 मीटर से ऊपर 87.510 मीटर पर बह रही है। सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि अनुमान से अधिक पानी आने से राप्ती नदी किनारे बने बांधों पर खतरा बढ़ गया है। उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
बांध बचाने की मशक्कत कर रहे स्थानीय लोग व विभाग
बांसी। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बांधों में रिसाव से नदी के तट पर बसे लोग भयभीत हैं। पूरी रात जागकर लोग बांधों की रखवाली कर रहे हैं। नरकटहा प्रोटेक्शन बांध, नरकटहा सोनखर बांध, बांसी पनघटिया बांध, बीडी बांध, सोनखर हाटा बांध व जमींदारी बांध में रिसाव जारी है। उसेे रोकने का प्रयास स्थानीय जनता के साथ विभाग के लोग कर रहे हैं।
नरकटहा प्रोटेक्शन बांध पशुपतिनगर, बीडी बांध में रतनसेन इंटर कॉलेज के पास, सहजी गांव के पास, विधायक निवास के पास, शास्त्री नगर मोहल्ले के पास रिसाव जारी है। सबसे अधिक दिक्कत जमीदारी बांध में यहां हो रहे रिसाव को पांच दिनों से रोकने का प्रयास जारी है। गरगजवा गांव के सभासद के प्रतिनिधि निलेश निषाद के साथ गांव के लोग काफी मशक्कत कर रहे हैं। अब इस बांध को बचाने के लिए परकोपाइन विधि का प्रयोग किया गया है ताकि नदी के पानी का दबाव बंधे से कुछ कम किया जा सके और बंधे को बचाया जा सके।
बांसी-इटवा व बांसी-डुमरियागंज मार्ग बंद
बूढ़ी राप्ती नदी किनारे बने बांधों के टूटने से क्षेत्र में फैले बाढ़ के पानी और राप्ती नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से उत्पन्न खतरे को देखते हुए बांसी-इटवा एवं बांसी-डुमरियागंज मार्ग को शनिवार को बंद कर दिया गया। डीएम और एसपी ने बांसी इटवा मार्ग के जिगनिहवा चौराहा का निरीक्षण कर सुरक्षा व बचाव कार्य का जायजा लिया। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने निर्देश दिया कि बंद किये गये मार्ग पर किसी भी प्रकार का आवागमन न हो। इसे पूरी कड़ाई के साथ पालन कराने के निर्देश दिए।
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डीएम व एसपी ने की निरीक्षण
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी संजीव रंजन व पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने तहसील क्षेत्र बांसी के बाढ़ प्रभावित भंवारी, अजमागढ़, भुजराई, पकरडीहा आदि गांवों का निरीक्षण किया। लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तत्परता के साथ बचाव कार्य में लगा हुआ है। जानमाल की सुरक्षा के लिए हर स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। गांव में फंसे लोगों को निकालने एवं बचाने के लिए प्रशासन लगा हुआ है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारी व तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री एवं लंच पैकेट दिए जा रहे हैं। किसी को भोजन आदि की समस्या नहीं होने पाएगी।
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