फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: पंडित दीनदयाल ने राष्ट्र के विकास के लिए संगठित प्रयास को अहम माना

Thu, 12 Feb 2026 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 58वीं पुण्यतिथि के अवसर पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की प्रासंगिकता पर मंथन किया गया।
विज्ञापन

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और चिंतन साधना से सिद्धि का दर्शन है। उनका संपूर्ण जीवन साधुता, सादगी और मूल्य निष्ठा से अनुप्राणित रहा। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं बल्कि मानव-केंद्रित व्यवस्था का उपकरण माना। कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र एवं संतुलित विकास का दार्शनिक आधार है। यह दर्शन भारतीय ज्ञान परंपरा की जड़ों से जुड़ा हुआ है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के माध्यम से राष्ट्रबोध को सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल का मानना था कि किसी भी राष्ट्र के विकास में संगठित प्रयास अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें