खरीद में फर्जीवाड़ा करने वाले धान क्रय केंद्र सील
धनोहरी, हटवा, चिताही और भरवठिया मुस्तहकम क्रय केंद्र पर फर्जी खतौनी के जरिए हुई थी खरीद
पुलिस की मौजूदगी में एसडीएम ने चारों क्रय केंद्रों को कराया सील
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। बिना रकबे वाले किसानों के नाम से धान खरीद कर 1.83 करोड़ रुपयों की हेराफेरी में संलिप्त चार क्रय केंद्रों को एसडीएम ने सील करवा दिया। इस दौरान उसके साथ पुलिस बल भी मौजूद रही। धान खरीद घोटाले की जांच जारी है।
धान खरीद से जुड़े मामले में शनिवार को कार्रवाई के लिए एसडीएम त्रिभुवन धान क्रय केंद्र धनोहरी, हटवा, चिताही, भरवठिया मुस्तहकम केंद्र पर पहुंचे। यहां उन्होंने एक-एक करके चारों धान क्रय केंद्रों पर ताला लगाकर सील करवा दिया। एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि धान क्रय के लिए मुख्य जिम्मेदार रमेश गुप्ता है। उसने अपने पिता, पत्नी, भाई सहित अपने करीबियों को केंद्र प्रभारी और फर्जी किसान बनाकर गलत तरीके से धान क्रय किया था। पूर्व में उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। सत्यापन आईडी का दुरुपयोग करने वाले विकास मिश्र जनसेवा केंद्र संचालक और तहसील ऑपरेटर अमित तिवारी पर भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। कुल चार धान क्रय केंद्र प्रभारी, सात तथाकथित किसान सहित 13 व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। मामले की जांच चल रही है। इस दौरान अपर सहकारिता अधिकारी दीनदयाल, एआरओ विजय प्रकाश सहाय, राजेश सिंह, थानाध्यक्ष डुमरियागंज केडी सिंह व थानाध्यक्ष त्रिलोकपुर रणधीर मिश्र आदि मौजूद रहे।
.....तो धान क्रय में एसडीएम ने बरती लापरवाही
धान क्रय घोटाले की परतें जैसे जैसे खुल रही हैं क्षेत्र में चर्चाओं का दौर भी गर्म होता जा रहा है। डुमरियागंज में चार क्रय केंद्रों पर फर्जी तरीके से करीब दस हजार क्विंटल धान की खरीद हुई और इस धांधली का एसडीएम को पता नहीं चलना चर्चा का विषय बना हुआ है। उपज क्रय की जानकारी रखने वाले लोगों का मानना है कि कंप्यूटर ऑपरेटर अमित तिवारी ही नहीं एसडीएम कार्यालय के कुछ और लोग भी शामिल होंगे। जिस पैमाने पर फर्जी खतौनियों का सत्यापन किया गया वह केवल कंप्यूटर ऑपरेटर का काम नहीं होगा। इसे एसडीएम की लापरवाही ही मानना चाहिए कि उनके कार्यालय से बड़े पैमाने पर फर्जी खतौनियों का सत्यापन किया गया और उन्होंने कभी इस पर गौर नहीं किया। यह भी चर्चा है कि आरोपी रमेश गुप्ता सत्तापक्ष के एक नेता का करीबी है। चर्चा है कि रमेश गुप्ता ने सत्यापन कराने में अपने रसूख का इस्तेमाल किया। धान क्रय के नोडल अधिकारी एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि एसडीएम त्रिभुवन से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।