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Siddharthnagar News: ऑक्सीजन का पाइप टूटा, सिलिंडर के भरोसे मरीज

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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में  सिलेंडर से मरीज को दिया जा रहा ऑक्सीजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने के बजाय बेपटरी हो जा रही है। यहां सबसे बड़ी समस्या पाइललाइन ऑक्सीजन की है। हर माह ऑक्सीजन यूनिट जवाब दे जाती है, और सिलिंडर से मरीजों को सांस दी जाती है। ऑक्सीजन दो दिन से मेडिकल कॉलेज में यही चल रहा है।
यहां एमसीएच विंग और 300 बेड के अस्पताल की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। ऐसे में कुछ मरीजों को ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर से सुविधा दी जा रही है, तो कुछ को सिलिंडर से दी जाती है। सिलिंडर लाने और ले जाकर लगाने में मरीजों के तीमारदारों का और दम निकल जा रहा है।
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इमरजेंसी वार्ड के आकड़ों पर गौर करें तो 24 घंटे में 15 से 20 मरीज सांस की समस्या से जुड़े पहुंच जाते हैं। जिन्हें चार घंट से लेकर दो दिन तक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।
अस्पताल से जुड़े लोगों की मानें तो सप्लाई के लिए गला पाइप बहुत ही खराब क्वालिटी का है, जिससे हमेशा गैस लीक होने की समस्या उत्पन्न होती रहती है। कोरोना काल में पहले और दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से न जाने कितने लोगों की जान चली गई।
महामारी के बाद यह समझा गया कि ऑक्सीजन कितना आवश्यक है। भविष्य में इस प्रकार का संटक उत्पन्न होने पर मरीजों की ऑक्सीजन के अभाव न जान न जाए। इसके लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर जोर दिया गया। इसमें पांच प्लांट लगाए गए।
इसमें एक 570 एलपीएम, एक 100 और 45 एलपीएम के तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। इसी प्लांट से इमरजेंसी, मेडिसिन, जनरल, सर्जिकल, एनएनसीयू और पीआईसीयू वार्ड को जोड़ा गया। जिससे बेड पर ही मरीजों को ऑक्सीजन मिल सके। इसके साथ ही महिला अस्पताल के शुरु होने के बाद उसे भी जोड़ दिया गया।
इसके बाद एक माह पहले चालू हुए 300 बेड के अस्पताल को जोड़ दिया गया। पर ऑक्सीजन प्लांट से जो लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है। कारण अकसर प्लांट में तकनीकी समस्या के कारण आपूर्ति ठप हो जा रही हैं। तो वहीं, कई बार पाइप के लीक होने के कारण आपूर्ति ठप हो जा रही है।
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तीन दिन से महिला अस्पताल और 300 बेड के अस्पताल आपूर्ति ठप हो गई है। इसके पीछे पाइप के लीकेज होने की बात सामने आई है। कर्मचारी सही करने में जुटे हुए हैं, लेकिन कब तक सही हो पाएगा इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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