ऑक्सीमीटर-थर्मामीटर खरीद पर खर्च किए 33.57 लाख
शासन को गया 1139 ग्राम पंचायतों में खरीद का ब्योरा
संबंधित फर्म को छह लाख रुपये का हो चुका है भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण काल में जिले की 1139 ग्राम पंचायतों में ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीद पर 33.57 लाख रुपये खर्च किया गया है। ग्राम पंचायतों की ओर से पल्स ऑक्सीमीटर-थर्मामीटर की खरीद में गड़बड़ी की जांच एसआईटी कर रही है। जिसके क्रम में पंचायतीराज विभाग की ओर से सूचना शासन को भेज दी गई है।
बाजार दर से अधिक मूल्य पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीद में शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम से जांच शुरू करा दी है। जांच में कई जिलों में पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद में गड़बड़ी की बात सामने आ चुकी है। टीम ने अब तक 20 जनपदों से अधिक गड़बड़ी पकड़ी है। इस मामले में बीते सात सितंबर को सुल्तानपुर और गाजीपुर के जिला पंचायतीराज अधिकारी निलंबित भी हो चुके हैं। इनसे जुड़े संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को अपना पक्ष भी रखा जा चुका है। सिद्धार्थनगर से भी ब्योरा तलब किया गया था। डीपीआरओ आदर्श ने ब्लॉकवार और ग्राम पंचायतवार सूचनाएं एकत्र कराकर जिले के 1139 ग्राम पंचायतों एक-एक पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीदारी की गई। 1400 रुपये प्रत्येक उपकरण की दर से खरीदारी हुई। कुल 33. 57 लाख रुपये का खर्च किए गए। जिला पंचायतराज अधिकारी आदर्श ने बताया कि जिले के 1139 ग्राम पंचायतों ने पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद पर 33.57 लाख रुपये खर्च हुए। शासन से मांगी गई सूचनाएं भेज दी गई हैं। एसआईटी जांच की आंच जिले में भी पड़ने की संभावना है।