सिद्धार्थनगर। प्रथम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी ने बुधवार को कोतवाली कपिलवस्तु थाना क्षेत्र के कंचनिया गांव में बाइक से बकरी के चोटिल होने पर हत्या के प्रयास में नामित तीन अभियुक्तों में से एक बाबूराम को 10 साल के कैद की सजा सुनाई है। शेष दो अभियुक्तों शमशेर एवं रमेश को दोषमुक्त कर दिया है। सभी अभियुक्त ग्राम चकइजोत के लोधपुरवा गांव के रहने वाले हैं।
हत्या के प्रयास की घटना 25 नवंबर 2020 को शाम 6:30 बजे कोतवाली कपिलवस्तु के कंचनिया गांव में बाइक से बकरी को चोट लगने के कारण हुई थी। कंचनिया निवासी शिवपूजन चौधरी ने पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए कहा कि उसके गांव के रामानन्द चौधरी की बकरी किसी बाइक से टक्कर लग जाने के कारण घायल हो गयी थी। इसके बारे में उसका भतीजा कृष्णा चौधरी, शमशेर से पूछ रहा था। इतने में कहासुनी हो गई, जिसपर शमशेर घर टोला लोधपुरवा चला गया और अपने भाई बाबूराम व रमेश को बुलाकर लाया। इसी बीच बाबूराम ने अपने पास लिए तमंचे से उसके भतीजे कृष्णा चौधरी के ऊपर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया, जिससे उसको गोली लगने से चोट आई है।
विचारण के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही, जिरह, मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, नक्शा नजरी व अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बाबुराम को हत्या के प्रयास एवं सबूत छिपाने का दोषी करार देते हुए उसे 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए उसपर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साक्ष्य के अभाव में शेष दो अभियुक्तों शमशेर एवं रमेश को बाइज्जत बरी कर दिया है।