सिद्धार्थनगर। धूप नहीं निकलने से सोलर पैनल से संचालित 200 ओवर हेड टैंक से 10 दिन से पानी सप्लाई ठप है। इससे शहर समेत अन्य क्षेत्रों की डेढ़ लाख आबादी निजी नल का दूषित पानी उपयोग करने को मजबूर हैं। अब यहां के लोग शुद्ध पानी के लिए धूप निकलने का इंतजार कर रहे हैं। शहर के निकट विनैका निवासी शमशेर अहमद का कहना है कि घर में लगी टोटी से 10 दिन से पानी नहीं निकल रहा है, जिस कारण हैंडपंप का पानी पी रहे हैं।
शहर से सटे विनैका में अधूरे पड़े ओवर हेड टैंक निर्माण के बावजूद सोलर पैनल से बोरिंग संचालित कर पानी सप्लाई की जा रही थी, लेकिन जैसे ही आसमान में कोहरा छाया और धूप निकलनी बंद हुई तो यहां पर टोटी में पानी आना बंद हो गया। लोग जब इसके बारे में पता करने प्रोजेक्ट पर गए तो पता चला कि सोलर पैनल से लोड नहीं लेने के कारण बोरिंग का पंप नहीं चल पा रहा है, जिससे पानी सप्लाई नहीं हो पा रही है। यहां पर राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत 2.12 करोड़ की लागत से ओवर हेड टैंक स्थापित करने का कार्य सितंबर 2021 में शुरू हुआ था। इससे यहां 7887 किमी पाइप लाइन बिछाकर 493 घरों तक पानी पहुंचाया जाना है। इसके तहत अभी यहां ओवर हेड टैंक का सिर्फ ढांचा ही खड़ा हो सका है। इसी बीच यहां सोलर पैनल से बोरिंग संचालित कर बिछाए गए पाइप लाइन के माध्यम से लोगों को पेयजल आपूर्ति की जाने लगी थी।
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वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
वाटर सप्लाई के शुद्ध पानी से वंचित विनैका निवासी खुर्शीद अहमद व बद्री यादव का कहना है कि विभाग को ओवर हेड टैंक से पानी सप्लाई के लिए सोलर पैनल पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए। जलनिगम के अधिशासी अभियंता मदनराम पाल का कहना है कि सोलर पैनल से संचालित सभी परियोजनाओं पर जेनरेटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोलर पैनल से संचालित होंगे पानी के 749 प्रोजेक्ट
जल जीवन मिशन के तहत जिले में निर्माणाधीन 762 ओवर हेड टैंक में 749 प्रोजेक्ट की बोरिंग का संचालन सोलर पैनल से होना है। जबकि 11 प्रोजेक्ट पर भूमि की उपलब्धता नहीं होने के कारण सोलर पैनल नहीं लगाए जा सकेंगे, जिससे यहां बिजली से बोरिंग संचालित होने है। प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद 200 से अधिक स्थानों पर सोलर पैनल के माध्यम से बोरिंग संचालित कर लोगों के घर तक पानी पहुंचाने का कार्य शुरू हो गया था, जो धूप नहीं निकलने से बाधित हो गया है।
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पांच हजार आबादी पी रही दूषित पानी
शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्राम एकडेगवा भावपुर ग्रांट के टोला खुरहुरिया में ओवर हेड टैंक परिसर में पानी का मोटर संचालित करने को सोलर पैनल लगाया गया है। कुछ दिन पहले पानी सप्लाई शुरू हुई थी, लेकिन 10 दिन से धूप नहीं निकलने से खुरहुरिया, हतवा, देवकलीगंज, सुकडहर, भावपुर डीह के लोगों पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे यहां की पांच हजार आबादी निजी हैंडपंप का दूषित पानी उपयोग कर रही है। गांव के लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग की।
अधूरे प्रोजेक्ट से दो तिहाई आबादी पी रही दूषित पानी
जलजीवन मिशन के तरफ से निर्मित हो रहे 762 प्रोजेक्ट में पांच सौ प्रोजेक्ट अधर में अटके हैं। वर्तमान में जलनिगम की तरफ से 262 प्रोजेक्ट ही संचालित हो रहे है। इनमें संचालित सौ से अधिक प्रोजेक्ट के भी कार्य पूर्ण नहीं है। इनके निर्धारित अवधि मार्च 2024 तक पूर्ण होने का आसार नहीं दिख रहा। वर्तमान में जिले के दो तिहाई लोग 120 फीट के अंदर लगे निजी हैंडपंप का अशुद्ध पानी उपयोग कर रहे है। जांच में 120 फीट के अंदर के पानी में अधिक आयरन के कारण अशुद्ध है।
विभाग का दावा, 2.58 लाख परिवार काे पहुंचा रहे शुद्ध
जलनिगम ग्रामीण की जिले में संचालित प्रोजेक्ट पर नजर दौड़ाएं तो इनमें 98 ओवरहेड टैंक से पानी सप्लाई पहले से हो रही है। जबकि जिले के संपूर्ण ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के 762 नए प्रोजेक्ट स्थापित की जानी है। विभागीय आंकड़े के अनुसार इनमें 162 प्रोजेक्ट संचालित कर लोगों के घर तक शुद्ध पानी पहुंचाया जा रहा है। शेष पांच सौ प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। विभाग का दावा है कि वह वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के 3.92 लाख में 2.58 लाख परिवार का शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहा है।
बिना टंकी कर रहे 159 जगह पर सप्लाई
जलनिगम ग्रामीण की तरफ से संचालित की गई 162 प्रोजेक्ट में अभी तक सिर्फ तीन में ही ओवर हेड टैंक बना है। शेष में बोरिंग से सीधे लोगों के घर तक बिछे पाइप के माध्यम से पानी सप्लाई की जा रही है। इनमें भी कई जगह पर पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों के घर तक गंदा पानी पहुंच रहा है। जलनिगम की इन 176 प्रोजेक्ट पर तीन वर्ष पहले काम शुरू हुआ था, जिन्हें एक वर्ष पहले ही पूरा हो जाना था। लेकिन बेहद धीमी गति के कारण अब तक पूर्ण नहीं हो सका है, जबकि अन्य प्रोजेक्ट पर अभी कार्य शुरू हुआ है।
पेयजल के लिए घर-घर पाइप लाइन बिछाकर सोलर पैनल के सहारे पानी मोटर चलाने की व्यवस्था धूप नहीं निकलने से फेल हो गई है। इस कारण 10 दिन से पानी नहीं मिल रहा है।
-सज्जन शुक्ला, खुरहुरिया
कोहरा में धूप न होने की वजह से मोटर नहीं चल रहा है, 10 दिन हो गया है, लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग साधारण नल का पानी पी रहे हैं।
-ओमप्रकाश शुक्ल, खुरहुरिया
घर तक बिछे पाइप लाइन से कुछ दिनों से वाॅटर सप्लाई का पानी मिल रहा था, लेकिन जब से धूप नहीं निकल रहा है, तब से पानी सप्लाई बंद हो गई है।
-सुरेश चंद्र यादव, सेखुई गोवर्धन
निर्माणाधीन ओवर हेड टैंक की बोरिंग संचालित करने के लिए सोलर पैनल के अलावा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिलता रहे।
शिवकुमार श्रीवास्तव, सिरसिया
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ओवर हेड टैंक संचालन के लिए सोलर पैनल के अलावा जनरेटर की व्यवस्था की जानी है। जहां जनरेटर नहीं है वहां बोरिंग संचालन के लिए जनरेटर व्यवस्था करने का निर्देश दिया जाएगा।
मदनराम पाल, अधिशासी अभियंता, जलनिगम