लोहिया कला भवन में हौसला पोषण मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते डीएम।
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सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली हौसला पोषण योजना को सफल बनाने के लिए सोमवार को ग्राम प्रधानों, आशा व आंगनबाड़ी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। लोहिया कला सभागार में संयुक्त प्रशिक्षण में जिम्मेदारी समझाते हुए उसका पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि ग्राम प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो-तीन दिनों में संयुक्त खाता खुलवा लें। अगर खाता समय से नहीं खोला गया तो योजना को मूर्त रूप देने में कठिनाइयां होंगी। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को ठीक रखने और अतिकुपोषित बच्चों को पोषित बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए मुख्यमंत्री ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। हौसला पोषण योजना को ग्राम प्रधानों के सहयोग से क्रियान्वित किया जाना है।
इस योजना में मुख्य दायित्व संबन्धित ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहू का है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पका-पकाया भोजन 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को व गर्भवती महिलाओं को दिया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक दिन 175 मिली ग्राम दूध या दही व एक फल भी दिया जाएगा। अतिकुपोषित बच्चों को प्रतिदिन पोषक तत्व के साथ 20 ग्राम घी दिया जाएगा। सरकार की यह मंशा है कि केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होने पर आयरन की गोलियां दी जाएंगी और उनके स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्त टीके लगाए जाएंगे।
सीडीओ अखिलेश तिवारी ने बताया कि 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को भोजन दिया जाएगा और साथ ही साथ गर्भवती महिलाओं को भी भोजन दिया जाएगा। 15 जुलाई 2016 को प्रदेश के अति पिछड़े जनपद श्रावस्ती से इसकी शुरुआत हुई है। 10 अगस्त से जिले में इसे लागू किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीपीआरओ शशिकांत पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी नौगढ़ केडी गोस्वामी, जिला समन्वयक स्वच्छता समिति अमित श्रीवास्तव, सीडीपीओ उसका बाजार अभय सिंह, लोटन बाजार बलराम सिंह, शोहरतगढ़ संजय सिंह आदि मौजूद रहे।