ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए सोमवार को राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होते ही जिले का सियासी पारा हाई हो गया है। चुनाव खींचता देख सुस्त पड़े विभिन्न धड़ों और गुटों के लोग अचानक से हरकत में आ गए हैं।
बीडीसी सदस्यों को एकजुट कर ब्लॉक प्रमुख पद की रणनीति को अपने अनुकूल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बैकडोर से मिल रहे धनबल-बाहुबल का सपोर्ट भी अब खुलकर सामने आने लगा है।
इसे लेकर पुलिस-प्रशासन ने भी खुफिया निगाहों को चौकस कर दिया है।जिले के 14 ब्लॉकों में प्रमुख पद को लेकर घमासान है।
सबसे रोचक लड़ाई उन ब्लॉकों में है, जहां प्रमुख पद अनारक्षित या महिला श्रेणी के लिए है। पिछड़ी जाति की सीटों पर भी लड़ाई कम दिलचस्प नहीं है।
चुनावी साल में सत्ताधारी दल के कई नेता प्रमुख पदों पर कब्जा जमाने के लिए आतुर हैं। इसके लिए हर हथकंडा अपनाने से उन्हें परहेज भी नहीं है।
बहुमत का कोटा पूरा करने के लिए सदस्यों की जोड़-तोड़ जारी है। जिले के चार माननीय अपने नजदीकी रिश्तेदारों को मैदान में उतारकर जोर-आजमाइश कर रहे हैं।
कई जगह अपने समर्थकों के उतरने से भी वह अपनी प्रतिष्ठा बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ विरोधी खेमा सीट अपने पाले में रखने के लिए तत्पर है। ऐसे में हर किसी की निगाह इस चुनाव पर टिकी हुई है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिला स्तर पर अधिसूचना 1 फरवरी को जारी होगी। 5 को नामांकन और नामांकन फार्म की जांच होगी। छह को नाम वापसी और सात को आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से मतदान होगा।
जिला प्रशासन ने चुनाव के मद्देनजर सतर्कता जारी कर दी है। खुफिया विभाग को भी कड़ी निगरानी करने को कहा गया है, ताकि कानून-व्यवस्था में कोई खलल न डाल सके।