बेटे की मौत से बूढ़े पिता के कंधों जिम्मेदारी
फल बेचकर घर जा रहे राहुल की हो गई थी हादसे में मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। खीरामंडी में दो दिन पूर्व हुए सड़क हादसे में राहुल की मौत के बाद पूरा परिवार बेसहारा हो गया। घर के इकलौते चिराग के बुझने से बूढ़े पिता के कंधों पर घर की जिम्मेदारी के अलावा बेटी के हाथ पीले करने की भी जिम्मेदारी बढ़ गई है। बेटे की मौत के बाद मां का बुरा हाल है। वह बेटे को याद कर रोते हुए बेहोश हो जा रही है। वहीं, कस्बे में अभी भी गम का माहौल है।
शाहपुर में घर बनाकर रहने वाले राकेश और रीता ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी हंसती खेलती जिंदगी पलभर में मातम में बदल जाएगी। घर का इकलौता बेटा और परिवार का खेवनहार उनसे दूर हो जाएगा। हंसी खुशी घर आ रहा बेटा राहुल हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे से पति-पत्नी अपना सुधबुध खो बैठे हैं। पिता राकेश और मां रीता ने कहा उनका बेटा राहुल उन दोनों के के साथ पूरे परिवार का खर्च उठाता था। वर्ष 2020 में राहुल ने ठेला लगाकर कुछ पैसे कमाने के साथ अपने परिचितों से कर्ज लेकर बड़ी बहन की शादी की थी। छोटी बहन सीमा की शादी के लिए भी राहुल प्लानिंग कर रहा था। राहुल कहता था कि पहले छोटी बहन की शादी करूंगा फिर अपनी शादी करूंगा। मगर भगवान को कुछ और ही मंजूर था। बुजुर्ग राकेश ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। मगर अब उनके शरीर में इतनी ताकत नहीं है कि वह मजदूरी कर सकें। उनका बेटा ही एक कमाऊ पूत था। अब तो उनके सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि वह अब परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे और बेटी की शादी कैसे करेंगे।