बर्डपुर। शासन की ओर से पंचायत भवन गांवों में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने के अफसरों के दावे शुक्रवार को हवा-हवाई साबित हुए। ग्राम पंचायत बर्डपुर 10 के पंचायत भवन में लगी चौपाल में ग्रामीण आए, लेकिन कई विभागों के अधिकारी कर्मचारी चौपाल में आए ही नहीं, जिससे 14 मामले लंबित रह गए।
समस्या के निस्तारण के कारण फरियादी निराश होकर वापस चले गए। चौपाल में कुल 15 मामले आए, जिसमें एक का निस्तारण किया गया।
शिकायत निस्तारण के लिए पहुंचे ग्रामीण निराश होकर लौट गए है। चौपाल कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सचिव को छोड़कर कई विभाग के अधिकारी कर्मचारी नहीं आए। चौपाल में शिकायत लेकर पहुंचे सगीर अहमद, मो. फारुक, अलगू पासवान, इंद्रजीत चौधरी, समीउल्लाह अंसारी आदि ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ग्रामीणों की समस्या के निस्तारण के लिए गांव में चौपाल लगवाती है, लेकिन जब संबंधित विभाग का कोई अधिकारी नहीं आयेगा तो सिर्फ खाना पूर्ति के लिए चौपाल लगाया जाता है। ग्रामीणों ने गोदाम इंचार्ज को गेहूं बीज को 11 से 1200 रुपए प्रति बोरी देने की शिकायत दर्ज कराया।
उन्होंने कहा गोदाम इंचार्ज गेहूं बीज वितरण करने के दौरान अपने लोगों को बुलाकर पिकअप में बीज देने और अंगूठा लगाने के बाद भी गेहूं बीज देने की शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गोदाम इंचार्ज कहते हैं 1200 रुपये दो और गेहूं का बीज ले जाओ। चौपाल में कृषि, राजस्व, पुलिस, विद्युत, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, नलकूप विभाग के अधिकारी अनुपस्थित रहे।
देवरा चौधरी , विंद्रावती देवी ने बताया की मैं गेहूं लेने के लिए बीज गोदाम दो बार लाइन लगाई, लेकिन गेहूं का बीज नहीं मिला। थक-हारकर मैंने गोदाम इंचार्ज के आदमी को रुपया 12 सौ रुपए प्रति बोरी दी। तब जाकर गेहूं का बीज मिल पाया।
देवरा चौधरी, सतीष चौधरी ने कहा की आज चौपाल लगाई गई है, इसीलिए मैं सुबह 10 बजे से पंचायत भवन पर आया था। लेकिन सचिव को छोड़कर कोई विभाग का अधिकारी कर्मचारी नहीं आया है। जब किसी भी विभाग का अधिकारी कर्मचारी नहीं आएंगे तो चौपाल में आकर अपनी परेशानी किससे कहें, कोई सुनने वाला नहीं है।