मल्हवार स्थित प्राथमिक विद्यालय के नींव से निकली बरगद की जड़ें।
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डुमरियागंज। भनवापुर बीआरसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय का पुराना भवन रविवार की रात भर-भराकर ढह गया था। गनीमत थी कि घटना रात को हुई लिहाजा बड़ा हादसा नहीं हुआ। इसी तरह क्षेत्र के एक अन्य विद्यालय की भी हालत काफी खस्ता हाल है। विद्यालय की छत की दीवार छत को छोड़ने के साथ ही फट गई है। इतना ही नहीं, विद्यालय के बगल स्थित विशालकाय बरगद की जड़ें भी नीचे की दीवारों को तोड़कर ऊपर आ गई हैं। जबकि विद्यालय में 140 विद्यार्थी हैं।
भनवापुर ब्लॉक संसाधन क्षेत्र के मल्हवार स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन काफी जर्जर हो चुका है। 1999 में बने भवन की छत का बिम छत जोड़ने के साथ ही फट चुका है। बिम को सपोर्ट करने वाली दीवारेें भी जर्जर होकर फट चुकी हैं। स्कूल के भवन की नींव भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी है। नींव में विशाल बरगद की जड़ें घुसकर उसके ऊपर की दीवार और फर्श को फाड़ दी हैं। भवन का प्लास्टर भी पूरी तरह से टूट चुका है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम सकल ने बताया कि कई बार विभाग के साथ ही ग्राम प्रधान के जरिए भी ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारियों को भवन जर्जर होने की जानकारी दी गई। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। अभिभावक दुख राम, चंद्रशेखर चतुर्वेदी, राकेश कुमार, कृष्ण कुमार शर्मा, रमेश, ओमप्रकाश मिश्रा आदि ने कहा कि उन्हें अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है। जब तक बच्चे स्कूल से लौटकर घर नहीं आ जाते तब तक चिंता सताती रहती है। अभिभावकों ने कहा कि अगर जल्द ही विद्यालय के भवन की मरम्मत नहीं कराया गया तो बच्चों का नाम विद्यालय से कटवा लेंगे। भनवापुर बीईओ चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि भवन की जर्जर होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो वह प्रधानाध्यापक से शिक्षण कार्य बंद करवाने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही ग्राम प्रधान से भवन की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखेंगे।