ओली सरकार के खिलाफ मधेशियों ने खोला मोर्चा
नेपाल में सरकार की गलत नीतियों व कानून संशोधन का विरोध किया
संवाद न्यूज एजेंसी
ककरहवा (सिद्धार्थनगर)। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और नेपाल सरकार की गलत नीतियों, नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ नेपाल के नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। सीमाई क्षेत्रों के मधेशी नागरिकों बृहस्पतिवार को सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सीमा विवाद को लेकर लगातार भारत के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। इससे भारत और नेपाल के रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से नेपाल सरकार का झुकाव चीन की ओर ज्यादा रहा है। इसी बीच नेपाल की ओली सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन करते हुए नया कानून पारित किया है। जिसमें अब किसी देश की लड़की अगर नेपाल निवासी किसी लड़के के साथ विवाह करती है तो उसे विवाह के सात साल बाद ही नेपाल की नागरिकता मिलेगी। इससे पहले विवाह के बाद महिला को नेपाल की नागरिकता मिल जाती थी। नेपाल के मधेशी समुदाय ने इस कानून का जोर-शोर से विरोध करना शुरू कर दिया है। यह लोग संशोधित कानून वापस लेने और मित्रराष्ट्र भारत से पूर्व की तरह मित्रवत संबंध बनाए रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। सीमाई क्षेत्रों में मधेशी युवाओं सहित कई राजनीतिक पार्टियां भी ओली सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मधेश विरोधी केपी शर्मा ओली मुर्दाबाद नेपाल सरकार होश में आओ, भारत-नेपाल में मित्रता संबंध कायम करो, मधेश विरोधी नागरिकता कानून वापस लो जैसे नारे लगाए।