खुनुवां। नेपाल में एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या 30 हजार है। नेशनल सेंटर फॉर एड्स एंड सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीसेस कंट्रोल के मुताबिक, 2023 के अंत तक संक्रमितों की यह संख्या और बढ़ सकती है। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर नेपाल में समुदाय-आधारित एड्स समाप्ति के लिए अभियान संचालित कर लोगों को जागरूक किया जाता है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि वह संक्रमित लोगों के मानवाधिकार की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। हाल ही में आयोग ने सुदूर पश्चिम, करनाली, लुंबिनी और बागमती प्रांतों के संक्रमित व्यक्तियों और हितधारकों से जानकारी ली है। नेपाल में एचआईवी के मुख्य जोखिम समूह नशीली दवाओं का सेवन करने वाले, पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुष, ट्रांसजेंडर लोग, पुरुष यौनकर्मी, महिला यौनकर्मी, प्रवासी पुरुष श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य हैं।
संयुक्त राष्ट्र एड्स रिपोर्ट 2022 के अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या 1,200 है। बताया जाता है कि 15 साल से ऊपर की महिलाओं की संख्या 13 हजार और पुरुषों की संख्या 16 हजार है। वयस्क आबादी में एचआईवी संक्रमण दर 0.11 प्रतिशत है। नेपाल की 29 जेलों में 111 एचआईवी संक्रमित कैदी हैं, जिनमें 97 पुरुष और 14 महिलाएं हैं। एड्स के कारण नेपाल में वार्षिक मृत्यु दर 500 से अधिक है। कपिलवस्तु जिले के तौलिहवा स्थित जिला अस्पताल के डाॅ. जावेद अहमद ने कहा कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग जो भारत के दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, कानपुर सहित कई शहरों में रोजी रोटी के लिए कमाने जाते हैं उनमें भी कुछ लोगों में संक्रमण पाए गए हैं। सरकार लोगों को जागरूक कर इस गंभीर बीमारी पर अंकुश लगाने को प्रयासरत है।