सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में वर्तमान सत्र में नहीं हो सकी कार्यक्रम अधिकारी की नियुक्ति
राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई से जुड़े थे 100 छात्र-छात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियां ठप पड़ गई हैं।
वर्तमान सत्र में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। निवर्तमान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद के प्रभार छोड़ने के बाद किसी अन्य शिक्षक को यह जिम्मेदारी नहीं दी जा सकी। इस कारण राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े 100 छात्र-छात्राओं को इस बार रचनात्मक गतिविधियों से दूर होना पड़ा है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी रहे डॉ. दिनेश प्रसाद पांच माह पहले इस जिम्मेदारी से मुक्त हो गए। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी के लिए आंतरिक विज्ञापन निकाला गया था, लेकिन इस कार्यक्रम में अन्य शिक्षकों ने रुचि नहीं ली। इस कारण यह पद पांच माह से रिक्त है।
शिक्षण सत्र 2022-23 में 40 से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए थे। राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राएं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जागरूकता के कार्यक्रम करते थे। वर्तमान सत्र में रचानात्मक कार्यक्रम नहीं आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं में राष्ट्रीय एवं सामाजिक सहयोग की भावना बढ़ती है। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर में शामिल छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में सुविधाएं मिलती हैं।
कुलसचिव अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना में कार्यक्रम अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण यह कार्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह को सौंपा गया है। इस मामले में डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम हुए हैं, लेकिन कम हुए हैं।
समन्वयक का पद भी रिक्त
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से संबद्ध 56 महाविद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक की नियुक्ति नहीं हुई है। इस कारण भी कार्य प्रभावित हो रहा है। कुलसचिव अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना में समन्वयक बनाने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, लेकिन मानक के अनुसार शिक्षकों के आवेदन प्राप्त नहीं हुए थे। इस कारण इस कार्य को पूर्व समन्वयक डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह के सहयोग से किया जा रहा है। समन्यवक की नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन यह कार्य कुलसचिव के माध्यम से किया जा रहा है। समन्वयक की नियुक्ति के लिए पुन: विज्ञापन प्रकाशित कराया जाएगा।