सिद्धार्थनगर। किसानों को खेती के लिए अब बेहतर बिजली मिलेगी। बिजली विभाग अब ग्रामीण अंचल के घरों में उपयोग होने वाली बिजली और ट्यूबवेल चलाने वाली बिजली के लिए अलग-अलग लाइन से आपूर्ति करेगा। इसके लिए बिजली विभाग ट्यूबवेल के लिए 11 हजार केवी की लाइन बिछाने का कार्य शुरू भी कर दिया है। इस नई व्यवस्था से जहां ट्यूबवेल को वोल्टेज के साथ भरपूर बिजली मिल सकेगी, वहीं घरेलू बिजली के लिए बिछाई गई लाइन से लोड कम होगा, जिससे फॉल्ट कम होने के साथ ही साथ लो वोल्टेज से भी लोगों को राहत मिल जाएगी।
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्युत उपकेंद्रों से गांवों को आपूर्ति के लिए अभी केवल एक फीडर हैं, इसी फीडर की लाइन से ट्यूबवेल और घरों में भी बिजली सप्लाई होती है। इसके कारण कई बार समस्या खड़ी हो जाती थी। गांव में फॉल्ट हो जाता ट्यूबवेल की भी बिजली काटनी पड़ती वहीं ट्यूबवेल चलते तो गांव में भी लो वोल्टेज की समस्या खड़ी हो जाती थी। वहीं गांवों में फॉल्ट होने के कारण ट्यूबवेल की भी सप्लाई ठप हो जाती है। गर्मी के दिनों में बार-बार फाल्ट से हर घंटे बिजली बंद हो जाती है। इससे ट्यूबवेल के भरोसे सिंचाई करने वाले किसान भी परेशान होते हैं।
मजबूरन उन्हें निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने को प्रयासरत सरकार ने कृषि के लिए बेहतर बिजली देने का प्रबंध शुरू किया है। इसके लिए प्रत्येक उपकेंद्र पर ट्यूबवेल के लिए अलग फीडर की स्थापना की जा रही है। अगले तीन-चार माह में इसे युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ट्यूबवेल और ग्रामीण अंचल के घरों के लिए अलग-अलग लाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है। प्रत्येक उपकेंद्र पर ट्यूबवेल का एक अतिरिक्त फीडर बनाया जाएगा, जिससे सिर्फ ट्यूबवेल को बिजली दी जाएगी।