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Siddharthnagar News: अब दो स्तर पर होगी परीक्षा, फिर बनेंगे कुशल चालक

Sat, 16 Dec 2023 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। जिले में संचालित होने वाले चार ड्राइविंग स्कूलों का लाइसेंस शासन की ओर से रद्द कर दिया गया है। अब नये नियम के तहत लाइसेंस जारी होंगे और कुशल चालक प्रमाणपत्र के लिए दो बार परीक्षा से अभ्यर्थियों को गुजरना पड़ेगा। इसके बाद प्रमाणपत्र मिल सकेगा।
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शासन ने ड्राइविंग स्कूलों में नई सुविधाओं के साथ खोलने का निर्देश दिया है। यानी जब तक नये लाइसेंस जारी नहीं होते हैं, तबतक ड्राइविंग नहीं सीख सकते हैं। अगर सीख रहे हैं और कोई प्रमाणपत्र देने का दावा कर रहा है तो सचेत हो जाएं।

काफी प्रयास करने के बाद भी सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। बड़े और चार पहिया वाहन से लगातार हादसे हो रहे हैं। जबकि कुशल व्यक्ति ही वाहन चलाए, इसके लिए हर जिले में शासन की ओर से ड्राइविंग स्कूल का लाइसेंस निर्गत किया गया है। बावजूद इसके सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
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इन हादसों को देखते हुए शासन ने माना है कि बिना ट्रैक और प्रशिक्षण के स्कूलों की ओर से कुशल चालक प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जा रहा है, जिसका नतीजा है कि हादसे पर हादसे हो रहे हैं। इसलिए शासन ने ड्राइविंग स्कूलों के नियम में बड़ा बदलाव करते हुए जारी किए गए लाइसेंस को रद्द कर दिया है। इससे जिले में संचालित होने वाले चार लाइसेंस रद्द हो गए हैं। ऐसे में अगर आवेदन करना चाहते हैं तो कुछ दिन रुक जाएं। नये लाइसेंस जारी होने के बाद प्रशिक्षण और प्रमाण जारी होने की प्रक्रिया शुरू होगी।

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खाली मैदान में चलवाते थे वाहन

जनपद में चार ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पंजीकृत थे। यहां भारी व हल्के वाहन को चलाने के लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें मानकों की अनदेखी की जाती है। प्रशिक्षण के लिए इनके पास कोई मैदान नहीं है। बीएसए ग्राउंड और हाईवे पर वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है।

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नई व्यवस्था के तहत मानकों में बदलाव

अब सरकार ने इन ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों के मानकों में बदलाव किया है। व्याख्यान कक्ष, सेमुलेटर कक्ष, मॉडल चार्ट व उपकरण आदि के लिए कितनी जगह होनी चाहिए इसे बताया गया है। इसमें पहले ट्रेनिंग स्कूल में एक छोटे आकार के चार पहिया वाहन पर ट्रायल कराएंगे। यहां मोड, गति और अचानक आने वाले वाहन से कैसे बचें, इसके बारे में प्रशिक्षित करेंगे। यह प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कार, ट्रक और जेसीबी आदि सड़क और निश्चित स्थान पर चलवाएंगे। इसके बाद कुशल चालक का प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।

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यह होनी चाहिए आधारभूत मानक

संरचना कक्षा, स्वागत कक्ष, कार्यालय, इंटरनेट कनेक्शन, कंप्यूटर व प्रिंटर। क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट, व्याख्यान कक्ष 30 व्यक्तियों की क्षमता का फर्नीचर, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर युक्त 300 वर्ग फीट माडल चार्ट व उपकरण, 300 वर्ग फीट मुलेटर कक्ष हल्के और भारी, 150-200 वर्ग फीट।

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ट्रेनिंग स्कूल रखें इन बातों का ध्यान

ट्रेनिंग स्कूल के वाहनों में दोनों तरफ ट्रेनिंग स्कूल का नाम, पता, थाना, मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए। रिफ्लेक्टिव टेप लगा होना चाहिए। वाहन में पंजीयन, प्रदूषण, बीमा, फिटनेस, रोड टैक्स प्रमाण पत्र के साथ प्रशिक्षक का ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। नए मोटर ड्राइविंग स्कूल में पहली बार प्रशिक्षण के लिए आने वाले वाहन 12 वर्ष से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। यह 20 वर्ष तक ही चलेंगे। ड्राइविंग स्कूल संचालकों द्वारा नियमों के मुताबिक सभी सावधानियों का पालन करना होगा।

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ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों के मानकों में शासन की ओर से बदलाव किया गया है। पुराने वालों का लाइसेंस रद्द हो गया है। नये तरीके से लाइसेंस जारी होंगे और मानक पूरा करने पर संचालन हो पाएगा।
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-सुरेश कुमार एआरटीओ
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