जिला अस्पताल में स्थापित हुआ न्यू बर्न केयर यूनिट।
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जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात शिशु को अब विशेष देखभाल के लिए अन्यत्र कहीं नहीं ले जाना होगा। नवजातों को जिला अस्पताल में ही पूरी सुरक्षा मिल सकेगी। यहां स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट स्थापित हो गया है।
आईसीयू के समीप स्थापित इस केन्द्र में एक साथ 18 बच्चों को रखा जा सकेगा। इसमें बच्चों को जरूरत के अनुसार फोटो थेरेपी, रेडिएंट वार्मल और इंक्यूवेटर की सुरक्षा दी जाएगी। अब तक ऐसे बच्चों के लिए अभिभावकों को नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ती थी या फिर गोरखपुर, बस्ती का रुख करना पड़ता था। स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट के संचालन से सुरक्षित प्रसव के साथ ही जन्म मृत्यु दर में भी कमी का दावा किया जा रहा है।
गर्भ में सही देख-भाल न होने के कारण अक्सर बच्चों को जन्म के तत्काल बाद विशेष देखभाल की जरूरत होती है। कम वजन या असामान्य बच्चों पर बीमारियों का खतरा भी सर्वाधिक रहता है। ऐसे में प्रसव के तत्काल बाद ऐसे बच्चों को डॉक्टर स्पेशल केयर यूनिट में रखने की सलाह देते हैं।
जिला अस्पताल में अब तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में यहां प्रसव के बाद जन्म लेने वाले असामान्य बच्चों के डॉक्टर रेफर कर देते थे। ऐसे में अभिभावकों को प्राइवेट अस्पतालों की ओर दौड़ लगानी पड़ती थी या फिर गोरखपुर, बस्ती के सरकारी अस्पतालों में जाना पड़ता था।
लंबी दूरी और धनाभाव के कारण समय से सुविधा न मिलना कई बार नवजात की मौत का कारण बनती है। संसाधनों के अभाव के कारण जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने से परिजन हिचकते हैं। मगर अब जिला अस्पताल में यह समस्या नहीं रहेगी।
अस्पताल में स्पेशल न्यू बोर्न बेबी केयर यूनिट (एसएनसीयू) स्थापित कर दिया गया है। दस दिन पूर्व शुरू हुए इस यूनिट में फोटो थेरेपी के 5, रेडियो वार्मल के 12 और इंक्यूवेटर की एक यूनिट लगाई गई है। यानि एक साथ कुल 18 नवजातों को एसएनसीयू में रखा जा सकेगा।