सिद्धार्थनगर। अब आय, निवास और खतौनी की तरह परिवार रजिस्टर की नकल भी आसानी से मिल सकेगी। लेटलतीफी और होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए शासन ने इसे भी डिजिटल करने की कवायद शुरू की है। 10 अक्तूबर तक ग्राम पंचायत अधिकारी अभियान चलाकर नाम सही से रजिस्टर में कर लेंगे। इसके बाद उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इससे लोगों को यह सहूलियत मिलेगी की आवेदन करने के तय समय के भीतर उन्हें नकल मिल जाएगा और कहीं से भी प्राप्त कर सकेंगे।
सरकारी कार्यालयों में लोगों को भागदौड़ कम करना पड़े और आसानी से उनका कार्य घर बैठे हो सके। इसके लिए ऑनलाइन पर जोर दिया जा रहा है। आय, जाति निवासी, खतौनी सहित अन्य सुविधाएं अब तक ऑनलाइन हो चुकी हैं। जिससे फायदा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है। अब सरकार से सबसे बड़े पहचान पत्र के रूप में प्रयोग होने वाले परिवार रजिस्टर के नकल को भी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू की है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बहराइच सहित पांच जनपदों मेें यह व्यवस्था लागू की गई थी जो सफल हो गई। इसे देखते हुए निदेशक पंचायती राज राज कुमार ने प्रदेश के अन्य सभी जनपदों में व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया है।
इस संबंध में डीपीआरओ को पत्र जारी किया है। निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी विशेष अभियान चलाकर गांवों में लोगों का डाटा एकत्र करें। उनका पता सही-सही रजिस्टर में दर्ज करें, जिससे किसी के नाम पता में गड़बड़ी न होने पाए। इसके बाद सारा डाटा डिजिटल पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। यह कार्य पूरा होने केे बाद हस्तलिखित परिवार रजिस्टर नकल देने की प्रक्रिया पूर्ण रूप से बंद कर दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन होगा और ऑनलाइन नकल मिलेगा। इस संबंध में डीपीआरओ पवन कुमार ने बताया कि पत्र आया है। संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया गया है। जल्द ही यह कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
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सही करने के लिए लगाना पड़ा चक्कर
जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग गांव निवासी सोननाथ तिवारी एकदम स्वास्थ्य और फिट हैं। वह एक निजी विद्यालय में बतौर शिक्षक कार्य कर रहे हैं। उन्हें मृत दिखा दिया गया। जब उन्होंने इसकी शिकायती ग्राम पंचायत अधिकारी से की तो बताया गया कि डाटा फीड करते वक्त कहीं भूल से चढ़ गया होगा। सही हो जाएगा। नकल सही करने के लिए उन्हें कई बार शिकायत करना पड़ा। इसके बाद सही हुआ और नकल मिल पाया।