सिद्धार्थनगर। चिंतामणि हत्याकांड में कोर्ट से बरी होकर आए सुनील उर्फ सोनू सिंह की हत्या में परिवार के लोगों ने चिंतामणि के भाई नीलमणि, राजेश समेत चार लोगों को नामजद किया है। इसमें दो नाम वह भी हैं, जिनके साथ सोनू स्कूटी पर बैठकर शोहरतगढ़ से गांव के लिए निकला था। अहम बात है कि शुक्रवार दोपहर ही नीलमणि पुराने मामले में जमानत तुड़वा कर जेल चला गया था और उसके कुछ ही घंटे बाद सोनू सिंह की हत्या हो गई। पुलिस इस हत्या को सुनियोजित मान रही है। फिलहाल उसे उन दो साथियों की तलाश है, जो सोनू के साथ गांव जा रहे थे और हत्या के बाद से ही फरार हैं।
शुक्रवार की देर शाम सोनू सिंह की हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर भड़ास निकाली। गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने पहले इस मामले में तहरीर देने से भी इनकार कर दिया था। बाद में काफी समझाने पर वह इस पर राजी हुए। परिजनों का कहना था कि 12 सितंबर को हुए जानलेवा हमले के बाद अगर पुलिस कार्रवाई करती तो आज यह दिन नहीं आता।
पिता चंद्रभान सिंह ने एएसपी अशोक कुमार को बताया कि जेल से छूट कर आने के बाद सोनू कहीं दूर नहीं जाता था। शाम होने तक घर वापस चला आता था। अक्सर घर का सामान खरीदने के लिए शोहरतगढ़ ही जाता था। घटना के दिन भी शोहरतगढ़ से वापस आ रहा था। साथ में गांव निवासी आदित्य प्रताप उर्फ अनुज सिंह व सुभाष यादव थे। 12 सिंतबर को हुए हमले के दौरान भी दोनों साथ में थे।
शाम को करीब 7 बजे घर पर आराम से अनुज सिंह आए। बताया कि दहियाड़ मोड़ पर दुर्घटना हो गई है। सोनू सिंह को गंभीर चोट आई है। इतना सुनने के बाद गांव के लोगों के साथ घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। इस संबंध में एएसपी अशोक कुमार ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर मिली है। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुटी है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।