बांसी। संयुक्त चिकित्सालय बांसी को शुरू हुए एक वर्ष बीत गए लेकिन अब तक एक्स-रे जांच की सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को निजी सेंटर की जाना पड़ता है। इसमें समय और रुपये दोनों अधिक लगते हैं।
सबसे अधिक हादसे के शिकार लोगों को परेशानी होती है। कई बार इलाज संभव होने के बाद एक्स-रे की सुविधा न होने के कारण मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
पचास शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय की स्वीकृति के बाद यहां के लोग काफी खुश थे कि अब उन्हें मिनी जिला अस्पताल की सुविधा मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा लेकिन यह सपना अब तक हकीकत नहीं बन सका है। अस्पताल में एक्स-रे जांच की सुविधा न होने से जो भी हड्डी के टूटे या पुरानी खासी आदि के मरीज आते हैं।
उन्हें एक्स-रे कराने के लिए निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ता है।