करौंदा मसिना में बदहाल पड़ा वाटर टैंक।
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जोगिया। जेई-एईएस प्रभावित गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मिनी वाटर टैंक बनवाया था, मगर जिम्मेदारों की उदासीनता से मूर्तरूप नहीं ले सकी। टैंक तो बना दिए गए लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। इसकी एक नजीर जोगिया ब्लॉक का करौंदा मसिना गांव में बना वाटर टैंक है। करौंदा मसिना गांव की आबादी लगभग डेढ़ हजार है। करीब पांच वर्ष पूर्व गांव में जेई-एईएस का प्रकोप फैला था और पांच बच्चे बीमार हो गए थे। चिकित्सकीय जांच जांच में हैंडपंप का पानी दूषित पाया गया था। इसके बाद गांव को जेई-एईएस प्रभावित घोषित कर दिया गया था। गांव के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए गांव में मिनी वाटर टैंक का निर्माण शुरू किया गया। टैंक का तो निर्माण कर दिया गया, मगर तीन वर्ष बाद भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई।
हालत यह है कि अब टैंक जर्जर हो रहा है और उसमें लगा पानी फिल्टर करने वाला इलेक्ट्रानिक मोटर भी खराब हो चुका है। शुद्ध पानी की आस लगाए बैठी ड़ेढ हजार की आबादी का सपना चूर हो गया है। गांव निवासी सुरेंद्र कुमार यादव, प्रमोद पांडेय, मो.जहीर आदि का कहना है कि गांव में वाटर टैंक निर्माण शुरू हुआ तो लगा कि अब शुद्ध पानी मिलेगा, लेकिन वाटर टैंक निर्माण तो हो गया पर पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। पानी सप्लाई शुरू होने से पहले टैंक जर्जर हो गया है। जिम्मेदार समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्राम प्रधान महेश कुमार पांडेय ने कहा कि टैंक से पानी सप्लाई शुरू करने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। अभी तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में एडीओ पंचायत विश्वनाथ सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है। जल्द ही वाटर टैंक को ठीक करवाया जाएगा।