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Siddharthnagar News: परमिट न फिटनेस...कंडम वाहन ढो रहे सवारी

Thu, 07 Mar 2024 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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डुमरियागंज। क्षेत्र में बिना परमिट और कंडम वाहनों से सवारी ढोयी जा रही है। इससे जहां यात्रियों के बैठने में दिक्कत हो रही है। वहीं हादसे की आशंका बनी रहती है। बेधड़क चलने वाले इन वाहनों की विभाग की ओर से जांच भी नहीं की जा रही है। डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर वाहन चला रहे हैं।
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सदर तहसील क्षेत्र के बर्डपुर, उसका, डुमरियागंज से बेंवा, मोतीगंज, भड़रिया, सिंगारजोत और पथरा रोड पर आए दिन हादसे होते हैं। इस ओर न तो जिला प्रशासन सख्ती दिखा रहा है और न परिवहन विभाग की कार्रवाई देखने को मिलती है।

डुमरियागंज तहसील मुख्यालय से बस्ती, गोरखपुर, लखनऊ और बढ़नी सहित ग्रामीण इलाकों के लिए बसें और डग्गामार वाहन चलते हैं। शिवरात्रि और होली पर्व के अलावा अन्य दिनों में भी इन वाहनों की ओर से जमकर ओवरलोडिंग की जाती है। वाहनों के ओवरलोड होने पर कई बार संतुलन बिगड़ने पर हादसा भी हो जाता है। ज्यादा कमाई के लालच में बसों, टैंपो में क्षमता से कई गुना सवारियां तो भर ली जाती हैं। लेकिन किराए का पूरा पैसा चुकाए जाने के बाद भी सवारियों को सीट न मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। शासन के कड़े निर्देशों के बाद भी यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग रुक नहीं रही है। कारण साफ है कि वाहनों को चेक करने के लिए परिवहन विभाग के अफसर रूटों पर वाहन चेकिंग के पाइंट नहीं लगा रहे हैं। यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने का सिलसिला ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले वाहनों में अधिक देखने को मिल रहा है। ओवरलोड वाहन थानों के सामने से गुजरते है, मगर यहां तैनात पुलिसकर्मी इसकी अनदेखी कर देते हैं। इस संबंध में एआरटीओ सुरेश कुमार ने बताया कि अभियान चलाकर जांच कराया जाएगा। बिना नियम के चलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षित नहीं डग्गामार
नगर में संचालित बसें और मैजिक वाहन भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इन वाहनों में ड्राइवर कंडक्टर का कोई पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होता है। महिलाओं के लिए सुरक्षित सीट नहीं है। किसी तरह का हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखा है। कैमरे तो किसी भी बस में नहीं लगे हैं। सुरक्षा मानकों के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बस स्टैंड के नाम पर कोई स्थान तय नहीं हैं। बीच सड़क पर ही सवारियों को उतार दिया जाता है। सवारी के लिए कहीं भी बस रोक दी जाती है।

न नेम प्लेट न वर्दी

बसों और मैजिक वाहनों के ड्राइवर कंडक्टर को वर्दी पहनने के निर्देश हैं। नेम प्लेट भी लगी होनी चाहिए। इससे यात्री उनका नाम जान सकते हैं, जिससे यदि किसी तरह की शिकायत हो तो वे नाम सहित शिकायत कर सकें, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।

परिवहन विभाग की ओर चलाए जा रहे जांच अभियान सिर्फ कागजों में ही दौड़ रहे हैं। बल्कि इसके विपरीत हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मानक से ज्यादा सवारियां बैठा कर ले जाने वाले इन वाहन चालकों को किसी की जान की भी परवाह नहीं है।

-सुनील कुमार गुप्ता, निवासी डुमरियागंज

कंडम और बिना परमिट के वाहन चल रहे हैं। इससे हादसे भी होते हैं, लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर है। कई बार डग्गामार वाहनों से गिरकर यात्री घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी कार्रवाई न होने के कारण मनमानी जारी है। ऐसा हर रोज हो रहा है।
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-ताराचंद कसौधन, निवासी डुमरियागंज
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