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Siddharthnagar News: मई और जून में नहीं सुनाई देगी शहनाई की गूंज

Tue, 30 Apr 2024 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शुक्र ग्रह के अस्त होने से मई और जून में नहीं है कोई विवाह मुहूर्त
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नौ जुलाई से 15 जुलाई तक विवाह के हैं पांच से छह मुहूर्त

संवाद न्यूज एजेंसी

डुमरियागंज। सूर्य के शुक्र राशि में चले जाने के कारण मई और जून में शुभ मुहूर्त नहीं हैं। इससे मांगलिक कार्यों में दो महीने का ब्रेक लग रहा है। अब जुलाई में फिर से शहनाई की गूंज सुनाई देगी।

पं. हरिश्चंद्र दुबे बताते हैं कि शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण मई और जून महीने में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। इसके बाद नौ जुलाई से 15 जुलाई तक विवाह के पांच से छह मुहूर्त हैं। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई से 11 नवंबर तक चार्तुमास होने के कारण कोई विवाह मुहूर्त नहीं होंगे। 12 नवंबर से 15 दिसंबर तक 15 16 शुभ विवाह मुहूर्त बनेंगे। मैरिज होम संचालक सुधीर सिंह बताते हैं कि हर साल मई और जून में खूब सहालग होती थीं, लेकिन इस बार मई और जून माह में एक भी सहालग नहीं है। ऐसे में लागत और किराया निकालना मुश्किल होगा। काम में लगे कर्मचारियों को कैसे भुगतान करेंगे, यह भी बड़ी समस्या है।
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बैंड संचालक अब्दुल्लाह बताते हैं कि बैंड वालों के लिए लेबर का भुगतान एडवांस करना होता है। कई कलाकार ऐसे होते हैं, जिन्हें सालाना के हिसाब से भुगतान करना होता है। ऐसे में मई और जून माह में सहालग न होने से नुकसान होगा। बग्घी और घोड़े आदि का खर्चा भी मुश्किल होगा। रेडीमेड कपड़ों के दुकानदार अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि सहालग न होने से दुकानदारी पर असर पड़ेगा।
उनका कहना है कि उन्होंने सहालग के हिसाब से नई-नई डिजाइन और वैराइटी के कोट, शेरवानी आदि मंगवाए थे। हर महीने डिजाइनों में परिवर्तन होता है। ऐसे में ज्यादा दिनों तक सामान को रोकना सही नहीं है। यदि दो माह बाद डिजाइन बदल गई है तो उनके सामान का नुकसान हो सकता है। हलवाई गणेश का कहना है कि उनके साथ करीब 25 से 30 कारीगरों का समूह होता है। मई और जून जैसे महीने बिना सहालग के गुजरने वाले हैं। हम लोगों का इसी सहालग से साल भर का खर्च चलता है।
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23 साल बाद मई-जून में नहीं है शादी का मुहूर्त

इस वर्ष मई जून में विवाह का एक भी मुहूर्त नहीं है। अप्रैल में भी सिर्फ कुछ ही दिन शादियां हुईं। ऐसा संयोग दो दशक बाद आया है। इससे पहले वर्ष 2000 में इस तरह की स्थिति बनी थी। 23 साल के बाद यह पहला अवसर है कि मई और जून के महीने में एक भी शादी का मुहूर्त नहीं है।
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