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Siddharthnagar News: सूख गया रक्तकोष, संकट में जान, महादान का इंतजार

Sat, 13 Apr 2024 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में बचा मात्र एक यूनिट खून
जेएसवाई, थैलेसीमिया के 18 मरीजों को जाता है निशुल्क में खून
पिछले कई महीनों से खून की कमी से जूझ रहा ब्लड बैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का रक्तकोष सूख गया हैं। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में शनिवार को एक भी यूनिट रक्त नहीं बचा हैं। ऐसे में खून के कमी से किसी भी मरीज की जान भी जा सकती है।
पिछले दो महीनों से ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा हैं, ऐसे में लोगों को कई बार खून दान करने का अपील भी की गई है। लेकिन कोई स्वयंसेवी संस्था नहीं होने से लोगों को खून देने के लिए जागरूक नहीं किया जा रहा हैं। जिले में 18 थैलेसीमिया के मरीज हैं, जिन्हें प्रतिमाह खून फ्री में दिया जाता हैं। लेकिन ब्लड बैंक में खून की कमी होने से उन्हें भी खून नहीं मिल रहा हैं। ब्लड बैंक के इंचार्ज मनोज त्रिपाठी ने बताया कि लोगों को खून दान करने के लिए अपील किया जा रहा हैं, जल्द ही किसी कार्य दाई संस्था के माध्यम से ब्लड डोनेशन कैंप लगवाया जाएगा।
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दान में जाने से खत्म हो जाता हैं खून
जिले में खून देने वालों की अपेक्षा दान मांगने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में किसी भी कैंप के माध्यम से खून मिलते ही उसे लोग फ्री में मांग ले जाते हैं। इससे ब्लड बैंक में हो रही खून की कमी को दूर नहीं किया जा सकता हैं। जबकि डोनेशन देने के नियम के अनुसार डोनेशन का 20 प्रतिशत ही खून कार्ड के माध्यम से फ्री कराया जा सकता हैं। लेकिन ब्लड बैंक में खून आने के एक सप्ताह के अंदर ही खून को दान में बांट दिया जाता हैं।
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बस्ती से 16 यूनिट मिला खून चला गया दान में
दो अप्रैल को बस्ती से 16 यूनिट खून मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में आया था। लेकिन कार्ड, थैलेसीमिया व दान से वह खून भी खत्म हो गया। इससे शनिवार को ब्लड बैंक में एक भी यूनिट खून नहीं बचा हैं।
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फोटो हैं-

ब्लड बैंक में खून खत्म हो गया हैं, इसकी जानकारी हैं। रक्तदान करने के लिए कार्य दाई संस्थाओं को कहा जा रहा हैं। जल्द ही कैंप लगाकर ब्लड बैंक में खून की कमी को दूर किया जाएगा।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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