डुमरियागंज। डुमरियागंज नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार रात कथावाचक स्वामी आलोकानंद शास्त्री ने भक्त ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कथा व्यास ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है।
ध्रुव ने अपने मन में दृढ़ संकल्प कर लिया था कि मुझे भगवान को प्राप्त करना है और उसी संकल्प को ध्यान में रखते हुए वनवास में तपस्या करते हुए भगवान को प्राप्त किया। इस दौरान पं. मनश्याम मिश्र, जगदेव अग्रहरि, रामकिशोर, चंदन अग्रहरि, रमेश, भोला, विशाल, विजय आदि मौजूद रहे।