- राजस्व विभाग के अपडेट साफ्टवेयर से किसानों को मिलेगी रियल टाइम खतौनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राजस्व विभाग की तरफ से अपडेट सॉफ्टवेयर से मिलने वाली नई खतौनी में सभी खातेदारों का हिस्सा दर्ज होगा। इससे किसानों को रियल टाइम खतौनी निकालने के बाद लेखपाल से हिस्साकसी नहीं करानी पड़ेगी। चकबंदी में शामिल 57 राजस्व गांवों को छोड़ जिले के 2,488 राजस्व गांवों के किसानों को अपडेट सॉफ्टवेयर के जरिए खतौनी उपलब्ध कराई जाएगी।
राजस्व परिषद पहले 13 कॉलम से जुड़े विवरण के साथ किसानों को खतौनी की नकल उपलब्ध कराता था। अब 19 तरह की जानकारी के साथ नकल मिलेगी। इसमें खास बात यह होगी कि एक गाटा संख्या में जितने भी किसान होंगे, उनकी खतौनी के अंश का निर्धारण होगा।
अब तक मिल रही खतौनी की नकल में अंश का निर्धारण नहीं रहता था। इससे किसानों को अपने हिस्से की भूमि जानने के लिए हिस्साकसी कराने के लिए लेखपाल के पास चक्कर लगानी पड़ती थी।
लेखपाल रामकरन गुप्ता ने बताया कि इससे भूमि का क्रय-विक्रय करने अथवा बैंक से ऋण लेने की स्थिति में खतौनी अपडेट होगी। इससे धोखाधड़ी की घटनाएं रुकेंगी। खतौनी से जुड़ीं योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दर्ज होगी। किसी भी नामांतरण आदेश का खतौनी में अंकन होते ही मूल स्वामी का नाम खतौनी की बायीं तरफ प्रदर्शित होने लगेगा।
जिले के 2,443 राजस्व गांवों का अपडेट हो रहा सॉफ्टवेयर
जिले के सभी 2,545 राजस्व गांवों में 57 गांवों में चकबंदी चल रही है, इसके समेत 102 राजस्व अनलॉक है। जिले के नौगढ़, इटवा, बांसी, शोहरतगढ़ व डुमरियागंज के 2,443 राजस्व गांवों में अपडेट सॉफ्टवेयर के तहत खतौनी दिए जाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
अब तुरंत अपडेट होगी खतौनी
राजस्व परिषद के नियमों के तहत पहले छह साल में एक बार खतौनी का नवीनीकरण होता था। इस बीच कई तरह की गड़बड़ियां होती थीं, जैसे खतौनी अपडेट नहीं होने से एक ही भूमि कई लोगों को बेंच दी जाती थी। अब ऐसा कर पाना संभव नहीं होगा, कारण दाखिल खारिज होते ही मूल स्वामी का नाम संबंधित खतौनी से हट जाएगा।
राजस्व परिषद के निर्देश पर गांवों में नई प्रणाली के तहत खतौनी का विवरण तैयार किया जा रहा है, डाटा जांच कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही किसानों को नए स्वरूप में खतौनी दी जाएगी।
- जयेंद्र कुमार, प्रभारी डीएम