सिद्धार्थनगर।
कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए जिले में तीन नए थाने खोलने की कवायद शुरू हो गई है। दो थाने बॉर्डर क्षेत्रों में स्थापित होंगे, जबकि तीसरा थाना इटवा में बनेगा। इसे महिला थाना के रूप में स्थापित किया जाएगा। शासन के पत्र के बाद अफसर इसका प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं।
नेपाल सीमा पर स्थित जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल काफी व्यापक है। खुली अंतर्राष्ट्रीय सीमा के लिहाज से भी जिला काफी संवेदनशील है। ऐसे में अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने में पुलिस के सामने बराबर चुनौती रही है। इससे निपटने के लिए अब तीन नए थाने स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें एक थाना महिलाओं के लिए होगा। शासन के पत्र के बाद पुलिस कार्यालय ऐसे इलाकों का विवरण तैयार करने में जुट गया है, जहां थाना खोलना उपयोगी होगा। जनसंख्या और आपराधिक रिकॉर्ड के आंकड़ों के आधार पर फिलहाल बढ़नी और बर्डपुर कस्बे को चिह्नित किया गया है। नेपाल सीमा से सटे यह क्षेत्र काफी संवेदनशील भी रहे हैं। बढ़नी थाने की स्थापना शोहरतगढ़ और ढेबरुआ थाने के कुछ हिस्सों को अलग कर की जाएगी, जबकि बर्डपुर थाने के लिए सदर, मोहाना और कपिलवस्तु कोतवाली के क्षेत्र में कटौती होगी। तीसरा थाना महिलाओं के लिए इटवा में बनेगा। जिला मुख्यालय पर स्थित मौजूदा महिला थाना की इटवा-डुमरियागंज क्षेत्र से अधिक दूरी के चलते महिलाओं को यहां तक आने में दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। लिहाजा इटवा में महिला थाना स्थापित कर दोनों तहसील क्षेत्र की महिलाओं को सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में सीओ सदर मो. अकमल खां के मुताबिक शासन के निर्देशानुसार तय मानकों पर पड़ताल के बाद तीनों थानों के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित किया जा रहा है। संस्तुति मिलने के बाद उसका अनुपालन कराया जाएगा।