सिद्धार्थनगर। नेपाल में पांच मार्च को होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर नेपाल सरकार ने सीमा को 72 घंटे के लिए सील किए जाने का निर्णय लिया है। उसके मुताबिक सोमवार की मध्यरात्री यानी दो फरवरी से पांच फरवरी की रात तक सीमा पूरी तरह से सील रहेगी।
सामान्य आवाजाही ठप रहेगी। इसके बाद छह फरवरी की सुबह से आवागमन सामान्य होगा। नेपाल सरकार के निर्देश पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर आम लोगों और वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। यहां तक की खुनुवां और बढ़नी बॉर्डर से जाने वाली ट्रेड के वाहन पर भी रोक लगाई गई है।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बॉर्डर से लगती है जब भी देश में चुनाव होता है या फिर कोई बड़ी हलचल होती है आतंकी गतिविधि होती है तो सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी जाती है। खास करके दोनों देशों के बीच चुनाव के दौरान सीमा को 72 घंटे के लिए सील किया जाता है। 5 मार्च को नेपाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए नेपाल के कपिलवस्तु प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत चुनाव अवधि में किसी भी प्रकार की अनावश्यक आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। भारतीय सीमा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से गश्त बढ़ा दी गई है। नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां भी अपने स्तर सीमा सील करते हुए सक्रिय हो जाएगी। फिलहाल अभी तक केवल की जा रही है, आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
बॉर्डर पर दोनों देशों की ओर से जांच तेज : नेपाल चुनाव को देखते हुए सीमा पर जांच और निगरानी तेज हो गई है। एसएसबी और नेपाल सशस्त्र बल और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार जांच और गश्त कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर सीमा से सटे गांवों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम फ्लैग मार्च कर रही है।
संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और निगरानी के लिए खुफिया तंत्र भी सक्रिय कर दिया गया है। बढ़नी, खुनुवां, अलीगढ़वा, ककरहवा बाॅर्डर इलाके में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को एसएसबी और सीमावर्ती थानों की पुलिस संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया।