नेपाली पीएम कर रहे मधेशी और भारतीयों का अपमान
राष्ट्रीय बेरोजगार छात्रसभा की बैठक में दिखी नाराजगी
पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड केे कार्यशैली की हुई तारीफ
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय बेरोजगार छात्रसभा की स्थानीय इकाई की बैठक में नेपाल के प्रधानमंत्री पर मधेशियों और भारतीयों का अपमान करने का आरोप लगाया गया। एक स्वर से मित्रराष्ट्र धर्म का निर्वाह करने का नेपाली पीएम से अनुरोध किया गया।
जिला मुख्यालय स्थित भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता नौशाद अली के आवास पर हुई राष्ट्रीय बेरोजगार छात्रसभा की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की ओर से रोटी-बेटी के रिश्तों पर प्रहार करते हुए सात वर्ष बाद नागरिकता देने संबंधी संविधान संशोधन करने का निर्णय निश्चय ही एक करोड़ मधेशी और भारतीयों का अपमान जैसा है। उन्होंने कहा कि समय रहते निर्णय पर विचार नहीं हुए तो निश्चय ही धंधेबाज देश के बहकावे में आकर नेपाल में अमन-चैन को तहस नहस करना होगा। पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के कार्यशैली की तारीफ की गई। कहा कि भारत की ओर से सदैव मित्रता को संबंधों को प्रगाढ़ किया जा रहा है, बावजूद किसी अन्य पड़ोसी देश के इशारे पर खटास पैदा करने की कोशिश हो रही है। सभी ने नेपाली प्रधानमंत्री से संयम से कार्य करते हुए भारत विरोधी कृत्यों से दूर रहने की अपील की गई है। बैठक में विजय मौर्या, सोनू, बृजेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र श्रीवास्तव, रूपेश सिंह, विजय चौधरी, जफर अहमद, गणेश, कृष्ण अवतार, विजय उपाध्याय, सत्यम, विष्णु माया, नीतू, पारस, बृजेंद्र, सुरेंद्र, रवि, सोनू, रमेश, सगीर, कन्हैया गुप्ता, राम भरत यादव, इश्तियाक आदि मौजूद रहे।