सीमांत क्षेत्र के लोगों के मुद्दों पर सरकार की उपेक्षा के विरोध में नेपाल का संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा आंदोलन को अब और सशक्त करने की तैयारी में है।
गुरुवार को काठमांडू के सिंह दरबार स्थित संसदीय दल के कार्यालय में हुई मधेसी मोर्चा की बैठक में 22 नवंबर को नेपाल के सभी प्रमुख शहरों व बाजारों में मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया। यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से होगा।
इसमें जनसमुदाय की बड़ी सहभागिता ली जाएगी। बैठक में संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा के नेताओं ने कहा कि मधेसी, आदिवासी, थारु, मुस्लिम, दलित सहित सीमांत क्षेत्र के लोगों के मुद्दे को वार्ता के जरिए सुलझाने में सरकार रुचि नहीं ले रही और न ही गंभीर विचार करते दिख रही है।
लिहाजा अब आंदोलन को सशक्त रूप देने की जरूरत है, मगर इसे शांतिपूर्ण ही रखा जाएगा। 23 नवंबर को तराई मधेस सहित देश के विभिन्न स्थानों पर जनसमुदाय की सहभागिता सहित सपरिवार पांच मिनट का मौन धारण कर आंदोलन में सभी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया जाएगा।
विद्यालयों में 20 नवंबर से पूर्व की तरह ही कक्षाओं के संचालन पर भी सहमति बनी। काठमांडू की बैठक में नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री व अध्यक्ष संघीय समाजवादी फोरम नेपाल उपेंद्र यादव, तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी अध्यक्ष महंत ठाकुर, तराई मधेस सद्भावना पार्टी अध्यक्ष महेंद्र राम यादव, सद्भावना पार्टी सह अध्यक्ष लक्ष्मण लाल कर्ण सहित देश भर के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।