नेपाल के शैक्षणिक कोर्स में शामिल होगा सीमा सर्वेक्षण विषय
कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं में शामिल होगा संबंधित पाठ्यक्रम
भारत से सीमा विवाद के बाद छात्रों को मिलेगी सीमा संबंधी जानकारी
ध्रुव यादव
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नेपाल सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र से कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं में सीमा और सर्वेक्षण संबंधी विषयों को शामिल करने का निर्णय लिया है। भारत से सीमा विवाद के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव कर छात्रों को सीमा संबंधी जानकारी देने के साथ देशभक्ति के प्रति जागरूक किया जाएगा।
पाठ्यक्रम विकास केंद्र के निदेशक गणेश भट्टाराई के अनुसार शिक्षा मंत्रालय के अनुरोध पर पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। पुस्तक लिखने का काम अंतिम चरण में है। लेखन पूरा होने के बाद छपाई के लिए जनक शिक्षा सामग्री केंद्र के प्रिंटिंग हाउस में भेजी जाएगी। पुस्तक को सीमा और सर्वेक्षण के क्षेत्र में जानकार विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया जा रहा है। जिसे कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं में समावेश किया जाएगा। इस पुस्तक में सीमाओं की परिभाषा, सीमांकन के तरीके, सीमा विवाद के कारण और नेपाल में सीमाओं के सीमांकन और इस संबंध में विवाद शामिल हैं। इसके अलावा किसी भी क्षेत्र को मापने की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विधि के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा। निदेशक भट्टाराई ने कहा कि पुस्तक लगभग 100 पृष्ठों की होगी।
पहले चरण में सभी को नहीं मिलेंगी पुस्तकें
केंद्र ने कहा कि पहले चरण में यह पुस्तक हर छात्र को वितरित नहीं की जा सकती है। पहले पुस्तक में शामिल सामग्री को केंद्र की वेबसाइट पर रखा जाएगा। इसके बाद प्रत्येक सरकारी स्कूल के लाइब्रेरी में एक प्रति दी जाएगी। पुस्तक की कीमत अभी तय नहीं की गई है। बाजार में खरीदने के लिए भी उपलब्ध नहीं रहेगी।
संशोधित हुआ कक्षा 11 का पाठ्यक्रम
नेपाल सरकार ने इस वर्ष से कक्षा 11 के पाठ्यक्रम को संशोधित किया है। नए पाठ्यक्रम के अनुसार छह विषयों को पढ़ाया जाएगा, इसमें तीन अनिवार्य और तीन वैकल्पिक होंगे। नए छात्रों को अतिरिक्त विषयों के रूप में सीमाओं और माप पर पुस्तक पढ़ाई जाएगी। यह पुस्तक छात्रों के साथ सीमाओं और मापों के बारे में जानकारी के लिए अन्य लोगों के लिए भी उपयोगी होगी।